छात्रों पर की गयी दमनात्मक कार्रवाई की लोकतांत्रिक व्यवस्था में नहीं है कोई जगह

Updated at : 02 Jan 2025 7:48 PM (IST)
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छात्रों पर की गयी दमनात्मक कार्रवाई की लोकतांत्रिक व्यवस्था में नहीं है कोई जगह

छात्रों पर की गयी दमनात्मक कार्रवाई की लोकतांत्रिक व्यवस्था में नहीं है कोई जगह

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प्रतिनिधि, मधेपुरा बीपीएससी छात्रों के साथ हो रहे अत्याचार व छात्रों के मौलिक अधिकार को दमन करने की नीति के खिलाफ छात्र राजद के बीएनएमयू इकाई ने गुरुवार को ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मधेपुरा के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया. छात्र राजद के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सोनू यादव ने कहा कि बीपीएससी छात्रों पर जो वाटर कैनन से हमला किया गया है और जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया है, उसके खिलाफ राज्य में छात्रों का आक्रोश फूट गया है. उन्होंने लाठीचार्ज के उपरांत छात्रों के मानसिक, आर्थिक व शारीरिक जांच न्यायिक पदाधिकारी से करवाने की मांग की है. सोनू यादव ने कहा कि बीपीएससी छात्र अपने मौलिक अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे थे और जिस तरह से छात्रों पर लाठीचार्ज व वाटर कैनन से हमला किया गया है व छात्रों के मौलिक अधिकार का दमन किया गया है, ऐसे दमनात्मक कार्रवाई की तो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि बिहार की तानाशाह व निकम्मी सरकार, जो मोटी रकम लेकर बीपीएससी अध्यक्ष से प्रश्न पत्र लिक करवाया, ऐसे लोगों को बचाने के लिए था छात्रों को दमन करने के लिए छात्रों पर लाठीचार्ज करवाया है, जो शर्म की बात है. छात्र राजद के प्रदेश महासचिव माधव कुमार ने कहा कि छात्रों को इस तरह से मारना-पीटना दुखद है. छात्र हीं देश-प्रदेश के भविष्य हैं. उन्होंने कहा कि सरकार से मांग करता हूं कि पुनः बीपीएससी की परीक्षा कराकर, सरकार छात्र को न्याय देने का काम करें. युवा राजद के प्रदेश महासचिव ईशा असलम ने कहा कि अपने सगे-संबंधी को पदाधिकारी बनाने के लिए करोड़ों की मोटी रकम की उगाही की गयी है, जो बिहार ही नहीं बल्कि संपूर्ण देश के लिए खतरे की घंटी है. छात्र राजद के विश्वविद्यालय प्रधान महासचिव एनके निराला ने कहा कि छात्रों पर हो रहे बर्बरता पूर्वक लाठीचार्च व वाटर कैनन से पानी का बौछार करवाना, सरकार की तानाशाही रवैया है. यह बीपीएससी छात्र के लिए कहीं से भी उचित नहीं है. बीपीएससी छात्र अपने जायज मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे. आंदोलन करना लोकतंत्र में मौलिक अधिकार है. उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि पुनः बीपीएससी की परीक्षा आयोजित की जाये, नहीं तो इससे भी बड़ा आंदोलन का आगाज होगा. सड़क से लेकर सदन तक लड़ने का काम करेंगे. मौके पर विश्वविद्यालय प्रवक्ता संजीव कुमार ने कहा कि बीपीएससी छात्रों पर हो रहा सौतेला व्यवहार अत्यंत ही दुखद है. सरकार को पुनः परीक्षा कराना होगा, नहीं तो छात्र राजद इससे भी बड़े आंदोलन का आगाज करेगा और सरकार को झुकने पर मजबूर करने काम करेगा. मौके पर नीतीश कुमार, सलमान खुर्शीद, गौरव कुमार, गौरव कुमार, मधुसूदन कुमार, प्रशांत कुमार प्रभाकर, आलोक, निशिकांत, शैलेंद्र, दीपक, राजबल्लव, सौरव, प्रिंस , हिमांशु, छोटू यादव आदि उपस्थित थे.

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