ePaper

बीएनएमयू के कई शिक्षकों व शोधार्थियों ने प्रस्तुत किये शोध-पत्र

Updated at : 22 Dec 2025 7:10 PM (IST)
विज्ञापन
बीएनएमयू के कई शिक्षकों व शोधार्थियों ने प्रस्तुत किये शोध-पत्र

बीएनएमयू के कई शिक्षकों व शोधार्थियों ने प्रस्तुत किये शोध-पत्र

विज्ञापन

मधेपुरा. नालंदा खुला विश्वविद्यालय, नालंदा के तत्वावधान में आयोजित हो रहे दर्शन परिषद्, बिहार के 47वें अधिवेशन के दूसरे दिन बीएनएमयू के कई शिक्षकों व शोधार्थियों ने शोध-पत्र प्रस्तुत किये. ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रो डॉ सुधांशु शेखर ने धर्म दर्शन विभाग में डॉ आंबेडकर का धर्म दर्शन विषयक शोध पत्र प्रस्तुत किया. उन्होंने बताया कि डॉ आंबेडकर अधार्मिक नहीं थे, वे सच्चे धार्मिक व्यक्ति थे. उन्होंने मानव धर्म का प्रतिपादन किया. रमेश झा महिला महाविद्यालय सहरसा में असिस्टेंट प्रो डॉ प्रत्यक्षा राज ने तर्क व वैज्ञानिक विधि विभाग में अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया. इनके शोध-पत्र का विषय वाक् और स्फोट का आध्यात्मिक आधार था. उन्होंने बताया कि भारतीय भाषा दर्शन समृद्ध है. शोधार्थी डॉ सौरभ कुमार चौहान ने विवेकानंद का सार्वभौम धर्म विषय पर विचार व्यक्त किये. उन्होंने कहा कि विवेकानंद के सार्वभौम धर्म में सहिष्णुता से आगे बढ़कर स्वीकृति का आदर्श प्रस्तुत किया गया है. महासचिव डॉ श्यामल किशोर ने बताया कि प्रस्तुत किये गये शोध पत्रों में से उत्कृष्ट पत्रों को पुरस्कृत किया जायेगा. साथ ही चुने हुए पत्रों को शोध-पत्रिका ””दार्शनिक अनुगूंज”” में प्रकाशित किया जायेगा. कार्यक्रम के संयोजक सह कुलसचिव प्रो अभय कुमार सिंह ने बताया कि छह विभागों में सबसे अधिक 80 शोध पत्र समाज दर्शन विभाग में प्रस्तुत किये गये. इसकी अध्यक्षता समाज दर्शन प्रज्ञा राय, भागलपुर व डॉ दिव्या कुमारी, मुजफ्फरपुर ने किया. नीति दर्शन विभाग में 70 पत्र प्रस्तुत किये गये. इसकी अध्यक्षता प्रो सुनील कुमार सिंह, हाजीपुर व डॉ रामनारायण मिश्र, बोधगया ने की. अन्य विभागों में भी 20-50 शोध-पत्र प्रस्तुत किये गये. धर्म दर्शन विभाग की अध्यक्ष डॉ मिहिर मोहन मिश्र ””सुमन””, भागलपुर व समन्वयक डॉ जियाउल हसन, पटना, तत्त्वमीमांसा के अध्यक्ष प्रो श्याम रंजन प्रसाद सिंह, दयालपुर, समन्वयक डॉ ममता सिंह, लखनऊ, तर्क व वैज्ञानिक विधि के अध्यक्ष डॉ स्वस्तिका दास, भागलपुर व समन्वयक डॉ रमेश विश्वकर्मा, मुजफ्फरपुर व योग व संस्कृति प्रो राजेश कुमार सिंह, पटना व समन्वयक डॉ विजय कुमार मीणा रहे. मौके पर सामान्य अध्यक्ष प्रो रामाशंकर आर्य, आईसीपीआर, नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष प्रो रमेशचंद्र सिन्हा, पूर्व कुलपति प्रो कुसुम कुमारी, भारतीय महिला दार्शनिक परिषद् की अध्यक्ष प्रो राजकुमारी सिन्हा, पूर्व कुलपति प्रो रजनीश कुमार शुक्ल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के प्रो ऋषिकांत पांडेय, प्रो किस्मत कुमार सिंह, प्रो पूर्णेंदु शेखर, प्रो अवधेश कुमार सिंह, प्रो महेश्वर मिश्र, डॉ विजय कुमार, डॉ सुधा जैन आदि उपस्थित थे. —– दर्शन परिषद्, बिहार का 48वां अधिवेशन गयाजी में मधेपुरा. नालंदा खुला विश्वविद्यालय, नालंदा में दर्शन परिषद्, बिहार के 47वें वार्षिक अधिवेशन के दूसरे दिन सोमवार को आमसभा की बैठक हुई. इसमें यह निर्णय लिया गया कि परिषद का 48वां अधिवेशन दर्शनशास्त्र विभाग, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के तत्वावधान में आयोजित होगा. इस तरह ज्ञानभूमि नालंदा के बाद बिहार के दार्शनिकों का समागम मोक्ष-भूमि गयाजी में होगा. बैठक के प्रारंभ में महासचिव प्रो श्यामल किशोर ने सभी सदस्यों का स्वागत किया. कोषाध्यक्ष प्रो. वीणा कुमारी ने आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया. बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष प्रो. पूनम सिंह ने किया. संचालन संयुक्त मंत्री डॉ सुधांशु शेखर तथा धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष प्रो अभय कुमार सिंह ने किया. अंत में पूर्व दिनों दिवंगत हुए प्रधान संपादक प्रो आई एन सिन्हा सहित अन्य सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गयी..

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Kumar Ashish

लेखक के बारे में

By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन