रानी सती दादी की भव्य शोभायात्रा से भक्तिमय हुआ मधेपुरा, जयकारों, झांकियों और पुष्पवर्षा के बीच उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Author Aman kumar|Edited by Pratyush Prashant
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रानी सती को लेकर निकली भव्य शोभा यात्रा, मधेपुरा में गूंजे जयकारे

शोभा यात्रा में शामिल महिलाएं | Prabhat Khabar Network

Madhepura News: मधेपुरा शहर रानी सती दादी के पावन अवसर पर निकली भव्य शोभायात्रा से भक्तिमय हो उठा. श्रद्धालुओं की अपार भीड़, आकर्षक झांकियों और भजनों ने एक अद्भुत समां बांधा. इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी संदेश दिया.

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Madhepura News: मधेपुरा शहर में रानी सती दादी के पावन अवसर पर निकली भव्य शोभायात्रा ने धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द का अनूठा संदेश दिया. मंदिर परिसर से शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया. शहर के प्रमुख मार्गों पर "जय दादी की" के जयकारे गूंजते रहे, जबकि विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया. आकर्षक धार्मिक झांकियां, भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों की गूंज और प्रसाद वितरण ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने भी पूरे मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की थी.

मंदिर परिसर से विधि-विधान के साथ शुरू हुई शोभायात्रा

रानी सती दादी मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ. श्रद्धालुओं ने पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ यात्रा की शुरुआत की और पूरे मार्ग में भक्ति गीतों और जयकारों के बीच आगे बढ़ते रहे.

यात्रा में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों की उल्लेखनीय भागीदारी रही. कई श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए, जिससे आयोजन की धार्मिक गरिमा और भी बढ़ गई.

शहर के प्रमुख मार्गों पर हुआ भव्य स्वागत

शोभायात्रा मधेपुरा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी. जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया.

इसके साथ ही कई स्थानों पर पेयजल और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे यात्रा में शामिल लोगों को सुविधा मिली. पूरे मार्ग पर भक्तिमय वातावरण बना रहा.

झांकियों और भजनों ने बांधा श्रद्धा का समां

यात्रा का मुख्य आकर्षण रानी सती दादी के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां रहीं. धार्मिक संदेशों से सजी इन झांकियों को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.

भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों और ढोल-नगाड़ों की धुन ने पूरे शहर को धार्मिक उत्साह से भर दिया. "जय दादी की" के जयकारों से वातावरण देर तक गूंजता रहा.

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Madhepura News: आयोजन समिति ने दिया सामाजिक एकता का संदेश

आयोजन समिति के सदस्य मनीष श्रॉफ ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन केवल आस्था का विषय नहीं होते, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूत करते हैं. उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और अधिक भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा.

शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ आयोजन

शोभायात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी.

यात्रा का समापन पुनः रानी सती दादी मंदिर परिसर में हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की. आयोजन ने एक बार फिर मधेपुरा में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता की मजबूत मिसाल पेश की.

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