शिवचर्चा से मन को शांति व जीवन से नकारात्मकता होती है दूर

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शिवचर्चा से मन को शांति व जीवन से नकारात्मकता होती है दूर

घैलाढ़ प्रखंड क्षेत्र की भतरंधा परमानपुर पंचायत अंतर्गत बलुआहा गांव वार्ड 7 में एकदिवसीय शिव चर्चा का आयोजन किया गया.

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बलुआहा में एकदिवसीय शिव चर्चा का आयोजन श्रद्धालुओं ने सुनी आध्यात्मिक बातें मधेपुरा. घैलाढ़ प्रखंड क्षेत्र की भतरंधा परमानपुर पंचायत अंतर्गत बलुआहा गांव वार्ड 7 में एकदिवसीय शिव चर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिव श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव गुरु की महिमा और आध्यात्मिक जीवन से जुड़ी बातों को सुना. वहीं सहरसा, सुपौल व आसपास के कई गांवों से भी श्रद्धालु शिव चर्चा में शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान शिव शिष्य परिवार के शीशियों ने भजन-कीर्तन के साथ भगवान शिव की आराधना की. शिव शिष्य गुरुभाई रमेश यादव ने शिव चर्चा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिव चर्चा भगवान शिव से जुड़ी आध्यात्मिक चर्चा है, जिसमें उनके गुणों, कथाओं, भक्तों के अनुभवों और जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाले विचारों पर चर्चा की जाती है. इससे मन को शांति मिलती है और जीवन से नकारात्मकता दूर होती है. इसे भक्ति और आत्म-चिंतन का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है. उन्होंने कहा कि शिव चर्चा के माध्यम से लोग भगवान शिव को ‘आदिगुरु’ और ‘जगतगुरु’ मानकर शिष्य भाव से उनसे जुड़ते हैं. इस प्रकार की चर्चा धार्मिक स्थलों, घरों व विभिन्न मंचों पर आयोजित की जाती है, जहां भक्त एकत्र होकर शिव की महिमा का गुणगान करते हैं और उनके उपदेशों से प्रेरणा लेते हैं. शिव चर्चा का मुख्य उद्देश्य लोगों के मन से नकारात्मक सोच को दूर करना, उनमें उत्साह और विवेक जगाना तथा उन्हें अध्यात्म के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है. इस दौरान शिव शिष्य परिवार के भक्त एक साथ मिलकर भगवान शिव गुरु के जीवन से जुड़े प्रसंगों, उनकी शिक्षाओं और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हैं. गुरुभाई रमेश यादव ने बताया कि साहेब हरिनंदन जी ने शिव को जन-जन का गुरु मानते हुए इस परंपरा की शुरुआत की थी, जो आज भी विभिन्न स्थानों पर श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित की जा रही है. शिव को गुरु मानकर उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची भक्ति है. यदि श्रद्धा और निष्ठा के साथ शिव गुरु का स्मरण किया जाये तो जीवन की कठिन से कठिन राह भी आसान हो जाती है और हर समस्या का समाधान संभव है. इस मौके पर सुबोध गुरुभाई, दिनेश जयसवाल, मनोज, उपेंद्र, जयनारायण पंकज, दिलीप, बद्री, ललित कपो सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे श्रद्धा भाव के साथ शिव चर्चा में भाग लिये.

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कुमार आशीष

लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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