बीएनएमयू परिसर में आत्मदाह का प्रयास, सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

बीएनएमयू मधेपुरा | Prabhat Khabar Network
मधेपुरा के बीएनएमयू परिसर में एक पूर्व महिला संविदाकर्मी ने आत्मदाह का प्रयास किया, जिसे सुरक्षा कर्मियों ने सूझबूझ से विफल कर दिया. महिला ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
मधेपुरा स्थित भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) परिसर में शुक्रवार सुबह आत्मदाह के प्रयास की घटना से हड़कंप मच गया. विश्वविद्यालय की एक पूर्व महिला संविदाकर्मी पेट्रोल और माचिस लेकर परिसर पहुंची थी. सुरक्षा कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से उसे समय रहते रोक लिया गया. इसके बाद सदर थाना पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की.
सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से टली बड़ी घटना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 10:40 बजे महिला पेट्रोल से भरी बोतल और माचिस लेकर विश्वविद्यालय परिसर पहुंची. बताया जाता है कि वह अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन पहले से तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और बड़ी घटना होने से बचा लिया.
पुलिस ने हिरासत में लेकर भेजा न्यायालय
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को अपने कब्जे में लेकर थाना ले गई. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आत्महत्या के प्रयास के मामले में उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
घटना से पहले कई संवैधानिक पदाधिकारियों को भेजा था ई-मेल
जानकारी के अनुसार घटना से एक दिन पहले महिला ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, केंद्रीय गृहमंत्री, बिहार के राज्यपाल, महिला आयोग तथा अन्य संवैधानिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों को ई-मेल भेजकर न्याय की मांग की थी. अपने पत्र में उसने दावा किया था कि लंबे समय से उसे न्याय नहीं मिलने के कारण वह यह कदम उठाने को मजबूर हुई.
विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
महिला ने अपने आवेदन में बीएनएमयू के कुलपति प्रो. बी.एस. झा और उनके निजी सहायक राहुल रंजन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उसने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा बाद में नौकरी से हटा दिया गया. उसने यह भी दावा किया कि पूर्व में राज्यपाल, महिला आयोग और जिला प्रशासन सहित विभिन्न अधिकारियों को आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. साथ ही उसने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि उसके घर पर असामाजिक तत्व भेजकर उसे डराने और अपहरण का प्रयास किया गया.
आरोपों की पुष्टि नहीं, जांच जारी
महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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