मधेपुरा में सड़कों पर बह रहा नाले का गंदा पानी, BUDCO की सुस्त रफ्तार से शहर बेहाल, बढ़ा संक्रमण का खतरा

सड़कों पर बहता नाले का पानी | Prabhat Khabar Network
Madhepura Drain Water Problem: मधेपुरा शहर बारिश के मौसम में जलजमाव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है. बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BUDCO) की अधूरी परियोजना के कारण मुख्य सड़कें गंदे पानी से भर गई हैं. इससे न केवल लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि व्यापारियों और स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बढ़ गया है.
Madhepura Drain Water Problem: बारिश का मौसम शुरू होते ही मधेपुरा शहर की सबसे बड़ी समस्या फिर सामने आ गई है. शहर की कई प्रमुख सड़कें नाले के गंदे पानी से भर गई हैं. मुख्य बाजार, सुभाष चौक, शिव मंदिर रोड समेत कई इलाकों में जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. लोग गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जबकि दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस स्थिति के पीछे बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BUDCO) की अधूरी नाला और सीवरेज परियोजना सबसे बड़ी वजह है. महीनों पहले शुरू हुआ निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है, जिससे शहर की जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है.
अधूरे निर्माण कार्य से बिगड़ी जलनिकासी व्यवस्था
शहरवासियों का कहना है कि कई जगह नालों का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है. वहीं कई स्थानों पर नालों की नियमित सफाई भी नहीं हो रही है. नतीजा यह है कि पानी का बहाव रुक गया है और हल्की बारिश के बाद ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं.
मुख्य बाजार से लेकर आवासीय मोहल्लों तक नाले का पानी सड़कों पर फैल गया है. इससे पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और रिक्शा चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.
व्यापारियों की बढ़ी चिंता, कारोबार पर पड़ रहा असर
बाजार क्षेत्र के दुकानदारों का कहना है कि दुकानों के सामने गंदा पानी और कीचड़ जमा रहने से ग्राहक आने से बच रहे हैं. कई स्थानों पर गड्ढों और जलजमाव के कारण माल की ढुलाई भी प्रभावित हो रही है.
व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द जलनिकासी की व्यवस्था नहीं सुधरी तो बरसात के पूरे मौसम में कारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता है.
बच्चों और बुजुर्गों के लिए बढ़ी मुश्किलें
सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. कई जगह फिसलकर गिरने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं. वहीं बुजुर्गों और मरीजों के लिए जलजमाव वाली सड़कें बड़ी चुनौती बन गई हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के हर मौसम में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए.
Madhepura Drain Water Problem: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जताई चिंता
स्थानीय चिकित्सक डॉ. मिथलेश कुमार के अनुसार, सड़कों पर लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. गंदे पानी में मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है.
उन्होंने प्रशासन से जल्द जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने और नियमित फॉगिंग व साफ-सफाई अभियान चलाने की मांग की है.
जनप्रतिनिधियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी समस्या को गंभीर बताते हुए कहा है कि यदि BUDCO जल्द निर्माण कार्य पूरा नहीं करता और जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं होता, तो आंदोलन किया जाएगा.
उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने और शहरवासियों को राहत दिलाने की मांग की है.
हर साल वही समस्या, समाधान का इंतजार
शहरवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मधेपुरा की मूलभूत जलनिकासी समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है. हर बारिश में सड़कों पर नाले का पानी बहता है और लोग परेशानी झेलते हैं. अब लोगों की निगाहें प्रशासन और BUDCO पर टिकी हैं कि आखिर इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा.
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