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11 सौ महिलाएं व कन्याओं के द्वारा निकाली गयी भव्यकलश शोभा यात्रा

Updated at : 22 Sep 2025 7:12 PM (IST)
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11 सौ महिलाएं व कन्याओं के द्वारा निकाली गयी भव्यकलश शोभा यात्रा

कलशयात्रा के वापस मंदिर पहुंचने के बाद कलश को दसवीं पूजा तक के लिए स्थापित किया गया.

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सिंहेश्वर

प्रखंड क्षेत्र के सिरसिया सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में 11 सौ महिलाओं और कन्याओं ने भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली. बताया गया कि सिरसिया मंदिर परिसर से कलश यात्रा में शामिल महिलाओं ने नदी से जल लेकर पुन: सार्वजनिक दुर्गा मंदिर सिरसिया में कलश स्थापित की. जहां पंडितों ने विधिवत कलश को स्थापित किया. कलश यात्रा सार्वजनिक सिरसिया दुर्गा मंदिर से निकली और फिर बरहरी, डंडारी, तरहा, चंपानगर होते हुए कजरा घाट पहुंची. कलश में जल भर कर कन्याएं वापस सार्वजनिक दुर्गा मंदिर सिरसिया पहुंची. इस दौरान माहौल भक्तिमय बना रहा. मैया के जयकारे की गूंजती रही. जिधर से भी कलश यात्रा निकली गांव के लोग जयकारे में शामिल होते गए. कलशयात्रा के वापस मंदिर पहुंचने के बाद कलश को दसवीं पूजा तक के लिए स्थापित किया गया. यह। भी बताया गया कि वर्षों इंतजार के बाद मधुबनी निवासी दिनेश साहू को इस बार मेला और पुजन के आयोजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. जहां पंडित आनंद सम्राट उर्फ रौशन झा के द्वारा को विधिवत पुजन कराते हुए कलश को स्थापित कराया गया. सिंहेश्वर पीपरा मुख्य मार्ग में एनएच 106 के किनारे सिरसिया दुर्गा मंदिर में धूमधाम से पूजा की जाती है. यहां पहुंचने वाले भक्तों की मुदादें पूरी होती है. दूरदराज सहित आसपास के सौ गांवों के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है. सिरसिया का माता दुर्गा के दरबार में मांगी गई हर मन्नतें पूर्ण होती है. नवरात्र के दौरान गांव में उत्सवी माहौल बना रहता है. वर्ष 1972 में प्रभुनाथ सिंह, हलेश्वर यादव, बैजनाथ राजभर, बसंत कामत व अन्य ग्रामीणों ने विधि विधान और आस्था से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा- अर्चना शुरू की. मां के मंदिर में दूरदराज सहित आसपास के कई गांव के भक्त पूजा अर्चना को पहुंचते हैं. यहां धार्मिक मान्यता है सिरसिया गांव सहित आसपास के गांव में आने वाले विपत्ति से मां दुर्गा रक्षा करती है. प्रत्येक नवरात्र में कलश स्थापना के दिन कुंवारी कन्याओं के द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली जाती है. नवरात्रि में पूजा पाठ कराने के लिए यहां भक्तों को इंतजार करना पड़ता है. यहां मंदिर में पूजा के लिए कमेटी को आवेदन देना पड़ता है. यहां दस दिवसीय मेले का आयोजन होता है. सिरसिया में नवरात्रि के मौके पर दस दिवसीय मेले की तैयारी बड़े ही उत्साह से किया जा रहा है. मेला के लिए भव्य टेंट, पंडाल, रोशनी, पेयजल, साफ सफाई, सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक तैयारी की जा रही है. स्थाई मंदिर पुजारी वीरेन्द्र सिंह सालों भर यहां पूजा संपन्न कराते हैं.

– देवी- देवताओं की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं मूर्तिकार-

देवी दुर्गा सहित अन्य देवी- देवताओं की प्रतिमा को मूर्तिकार अंतिम रूप देने में जुटे हैं. मंदिर का रंगरोगन और सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी जारी है. तैयारी को लेकर सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के सदस्य सक्रिय हैं. यहां भव्य प्रतिमा का निर्माण किया जाता है. जानकारी देते हुए मेला कमिटी के अध्यक्ष भगवान सिंह, उपाध्यक्ष शिवनारायण राजभर, सचिव अशोक तिवारी, कोषाध्यक्ष कुंवर सिंह, मुखिया जयकृष्ण शर्मा ने बताया कि हर वर्षों के तरह सिरसिया में भव्य मेला का आयोजन किया जाएगा. मेला के दौरान विभिन्न तरह के भक्ति कार्यक्रम का भी आयोजन भी किया जायेगा. यह भी बताया गया कि इस वर्ष काशी के दस विद्वानों के द्वारा दुर्गा अखंड पाठ का आयोजन किया जा रहा है. वह निरंतर दस दिनों तक लगातार चलता रहेगा. वहीं दूसरी तरफ बताया गया कि इस वर्ष श्रीधाम वृंदावन के श्री गऊ गोपाल राधा कृष्ण रास लीला मंडल बाल व्यास भुवनेश्वर पाठक ठाकुर जी के द्वारा 22 सितंबर से 29 सितंबर तक श्रीमद भागवत कथा का आयोजन दोपहर तीन बजे से किया जायेगा. जबकि श्री गोपाल राधा कृष्ण रास लीला मंडल के संस्थापक स्वामी श्री चंद्रबिहारी पाठक के द्वारा रासलीला का आयोजन 22 सितंबर से दो अक्टूबर तक रात्रि नौ बजे से किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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