Madhepura news: ‘मेरी पत्नी को ढूंढ दीजिए’. थाने में पति ने लगाई गुहार, खोजने पर देंगे इतने पैसे

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आप सभी से गुजारिश है कि, मेरी पत्नी को ढूंढ दीजिए

madhepura crime news अपने स्तर से भी पत्नी को ढूंढने का काफी प्रयास किया लेकिन कुछ भी जानकारी नहीं मिल पा रही है.

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Madhepura crime news एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है. जहां एक युवक अपनी पत्नी राजकुमारी देवी के गुम होने पर बिलख-बिलखकर रो रहा है. वहीं युवक सप्ताह भर से पुलिस वालों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसकी पत्नी को पुलिस नहीं खोज पाई है. इतना ही नहीं युवक ने थानेदार से हाथ जोड़कर विनती करते हुए कहा, मेरी पत्नी को ढूंढ दीजिए. बता दें कि, पूरा मामला जिले के भर्राही थाना क्षेत्र अंतर्गत जीवछपुर गांव वार्ड नंबर सात निवासी दुर्बल साह की है.

– हर रोज लगा रहा थाने का चक्कर-

पत्नी के लापता होने पर पति के आंसुओं की धारा रुक नहीं रही है. वह लगातार पुलिस से अपनी पत्नी को ढूंढने की गुहार लगा रहा है. बीते आठ दिनों से वह हर रोज पत्नी की खोज के लिए पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब भी उसकी पत्नी नहीं मिली है. इतना ही नहीं जब पुलिस अधिकारियों से उसको मदद नहीं मिली तो वह अपनी पत्नी को खोजने के लिए सभी रिश्तेदारों से भी उसने अपनी आपबीती बताई. उसने कहा, मैं कोई दिनों से थाने का चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन अभी तक मेरी पत्नी को कोई ढूंढ नहीं पाया है. बच्चे रो रहे हैं. आप सभी से गुजारिश है कि, मेरी पत्नी को ढूंढ दीजिए.

– 16 अप्रैल से ही लापता हैं पत्नी-

दरअसल दुर्बल शाह की पत्नी राजकुमारी देवी बीते 16 अप्रैल के सुबह से ही लापता है और पत्नी के वियोग में दुर्बल साह का रो- रो कर बुरा हाल है. दुर्बल ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी राजकुमारी देवी के लापता होने की रिपोर्ट थाने में भी दर्ज कराया है. लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी उसकी पत्नी का पता नहीं चल पा रहा है. दुर्बल ने बताया कि उनकी पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. उन्होंने बताया कि अपने स्तर से भी पत्नी को ढूंढने का काफी प्रयास किया लेकिन कुछ भी जानकारी नहीं मिल पा रही है. दुर्बल साह ने कहा कि जो भी उनकी पत्नी को खोज कर ला देंगे या उससे संबंधित कोई भी सूचना देंगे तो उनकी तरफ से खोजने वाले को पांच हजार रूपया का इनाम भी दिया जाएगा. इसके बावजूद न ही उसकी पत्नी लौटी, न ही उसका कोई संदेश आया.

– ममता और बाबूल को मां के लौटने का इंतजार-

सब्जी बेचकर परिवार की जीविका चलाने वाले दुर्बल के दो संतान है. बेटी ममता बड़ी है, एक छोटा बेटा बाबूलहै. ये दोनों बच्चें अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रहे है. ममता ने बताया कि उसका ननिहाल मानपुर गोढ़ियारीहै. वहां भी खबर किये है. उसके मौसा भी मां की खोज में आ रहे है. बच्चों का भी रो-रो कर बुरा हाल है.

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कुमार आशीष

लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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