मधेपुरा. विधान परिषद सदस्य डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सहित सहरसा, मधेपुरा, सुपौल में असमय आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से किसानों के पके हुए गेहूं व मक्के की फसल बर्बाद हो गयी है. ऐसे में किसान करे भी तो क्या करे. किसान अपने व अपने परिवारों का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, बेटी की शादी सब के लिए खेती किसानी पर ही आश्रित रहते हैं, ऐसे में किसानों के पास कुछ नहीं बचा हैं. कोसी क्षेत्र में छोटी जोत के किसान अधिक संख्या में है और जीविकोपार्जन का एक मात्र साधन कृषि है. डॉ सिंह ने मुख्यमंत्री व आपदा प्रबंधन मंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि अपने स्तर से जांच करवाकर किसानों के हित के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार से अनुदान स्वरूप फसल क्षति मुआवजा दिलवाने की दिशा में कारगर कदम उठावें. ताकि बिहार सहित सहरसा, मधेपुरा, सुपौल के हताश व निराश हुए किसानों को फसल क्षति अनुदान का लाभ मिल सके. सरकार को अविलंब फसल क्षति की जांच के लिए जिलास्तर पर कमेटी बनानी चाहिए.
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