ePaper

नियोजित शिक्षक चलाते हैं होम्योपैथिक क्लीनिक, प्रशासन लापरवाह

Updated at : 20 Apr 2025 6:13 PM (IST)
विज्ञापन
नियोजित शिक्षक चलाते हैं होम्योपैथिक क्लीनिक, प्रशासन लापरवाह

होम्योपैथिक चिकित्सक डिग्री की आड़ में क्लीनिक के नाम पर दवाएं बेचने का कारोबार कर रहे हैं.

विज्ञापन

-सैकड़ों की लगी रहती है भीड़, लेकिन नहीं चलता मानक के अनुसार- -बोले चिकित्सा पदाधिकारी, होगी कार्रवाई- प्रतिनिधि, चौसा प्रखंड के मुरली चौक, कलासन बाजार, लौआलगान में होम्योपैथिक चिकित्सक आम आदमी के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. यहां होम्योपैथिक क्लीनिक चल रहे हैं, लेकिन पंजीकरण एक भी क्लीनिक का नहीं है. इसके बाद भी ऐसे क्लीनिकों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है. प्रशासन ने क्लीनिक खोलने के लिए नियम निर्धारित किए हैं. इसमें चिकित्सक की डिग्री की जांच होती है. फिर क्लीनिक के मानकों की भी जांच की जाती है. क्लीनिक खोलने के लिए एक सौ वर्ग फीट का कमरा होना चाहिए. इसमें एक फ्रिज व कमरे को पूरी तरह से बंद रहना चाहिए. क्लीनिक में धूलकणों को रोकने की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन जिले में बिना पंजीयन के क्लीनिक संचालित हो रहे हैं. अधिकतर क्लीनिक खुले में चल रहे हैं. ऐसे क्लीनिकों पर मरीज के देर तक रुकने से मर्ज बिगड़ने का भी खतरा बना रहता है. साथ ही धूल से एलर्जी वाले मरीजों को भी परेशानी हो सकती है. इसके बाद भी न तो जिम्मेदार कार्रवाई कर रहे हैं और न ही नियमों का पालन करा रहे हैं. -कई कर रहे थोक दवा बिक्री का कारोबार- कई होम्योपैथिक चिकित्सक डिग्री की आड़ में क्लीनिक के नाम पर दवाएं बेचने का कारोबार कर रहे हैं. कुछ चिकित्सक क्लीनिक में ही मरीजों को दवा उपलब्ध करा रहे हैं. दवा के एवज में मरीजों से मोटी रकम वसूल रहे हैं. अधिक कमाई के चक्कर में सस्ती दवाएं मरीजों को दे रहे हैं. कलासन स्थित आदर्श मध्य विद्यालय रसलपुर के सरकारी नियोजित शिक्षक हेमचंद्र बंधु होम्योपैथिक चिकित्सक के नाम से चर्चित हो गए हैं. सवाल यह है शिक्षक होते हुए सैकड़ों की भीड के साथ होम्योपैथिक क्लीनिक अपने आवास पर खोलकर रूपौली पूर्णिया, पुरैनी, नवगछिया सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में नामचीन हो गए हैं. जबकि इन्हें न ही किसी तरह की होम्योपैथिक डिग्री है और न ही ये किसी मानक को पूरा करते हैं. -क्या कहते हैं चिकित्सा पदाधिकारी- चिकित्सा पदाधिकारी ज्ञान रंजन कुमार ने बताया कि होम्योपैथिक हो या अंग्रेजी दवा की दुकान सभी को लाइसेंस की आवश्यकता होती है. साथ ही मानक पूरा करना होता है. जल्द होम्योपैथिक क्लीनिक पर कार्रवाई करने के लिए मुहिम चलाया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Kumar Ashish

लेखक के बारे में

By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन