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आधुनिक कोसी के विश्वकर्मा थे डॉ रवि- शंभू नारायण

Updated at : 02 Jan 2026 6:46 PM (IST)
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आधुनिक कोसी के विश्वकर्मा थे डॉ रवि- शंभू नारायण

आधुनिक कोसी के विश्वकर्मा थे डॉ रवि- शंभू नारायण

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मधेपुरा. राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) कार्यालय में शुक्रवार को कोसी के विकास में डॉ रमेंद्र कुमार यादव रवि के योगदान विषयक पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. परिचर्चा पूर्व सांसद सह बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ रमेंद्र कुमार यादव रवि की जयंती की पूर्व संध्या पर डॉ रवि विचार मंच के तत्वावधान में किया गया. परिचर्चा में डॉ रवि विचार मंच के अध्यक्ष शंभू नारायण यादव ने कहा कि डॉ रवि के प्रयास से ही 1981 में मधेपुरा को जिला का दर्जा मिला. कोसी क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछा और 1992 में भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय की स्थापना हुई. डॉ रवि का राजनीति में था विशिष्ट स्थान उन्होंने कहा कि डॉ रवि का प्रदेश व देश की राजनीति में एक विशिष्ट स्थान था. उन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी. बाद में वे जनता दल से रिकार्ड मतों से संसद में पहुंचे. वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव व वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अत्यंत करीबी रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीएसडब्ल्यू प्रो अशोक कुमार ने कहा कि डॉ रवि हमारे प्रेरणास्रोत हैं. उनकी स्मृतियां हमारे दिलों में हमेशा ताजी रहेंगी. उन्होंने महज छह माह के कार्यालय में विश्वविद्यालय के विकास की मजबूत आधारशिला रखी. उन्होंने बताया कि डॉ रवि पार्वती विज्ञान महाविद्यालय के शाही निकाय के अध्यक्ष भी थे. वे ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय के प्रथम कमीशंड प्रधानाचार्य रहे व प्रधानाचार्य के रूप में ही विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति बने. एक लोकप्रिय शिक्षक थे डॉ रवि ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो कैलाश प्रसाद यादव ने कहा कि डॉ रवि एक लोकप्रिय शिक्षक थे. जब वे अपनी हिंदी कक्षा में लयबद्ध होकर दिनकर के प्रबंध काव्य रश्मिरथी का पाठ करते थे, तो दूसरे विषयों के विद्यार्थी भी उसे सुनने आ जाते थे. उन्होंने कहा कि डॉ रवि साहित्यिक व सांस्कृतिक क्षेत्र में अत्यधिक सक्रिय थे. वे बुद्धिजीवी विचार मंच के अध्यक्ष, राष्ट्र भाषा परिषद् के सदस्य, बिहार मैथिली अकादमी के सदस्य, सदस्य, राज्य भाषा समिति के सदस्य व हिन्दी साहित्य सम्मेलन, मधेपुरा के अध्यक्ष रहे. उन्होंने कई पुस्तकों की रचना की है, जो विभिन्न पाठ्यक्रमों में भी शामिल हैं. प्रतिमा-निर्माण कार्य होगा शुरू कार्यक्रम का संचालन करते हुए समन्वयक डॉ सुधांशु शेखर ने बताया कि डॉ रवि विचार मंच का उद्देश्य डॉ रवि के विचारों व कार्यों का प्रचार-प्रसार करना है. मंच के प्रयास से विश्वविद्यालय में डॉ रवि की आदमकद प्रतिमा के लिए स्थल का शिलान्यास कुलपति प्रो बीएस झा ने किया. आने वाले दिनों में प्रतिमा-निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा. इस अवसर पर क्रीड़ा व सांस्कृतिक परिषद के निदेशक प्रो अबुल फजल, एमएड विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ सीडी यादव, बीएड विभागाध्यक्ष डॉ सुशील कुमार, असिस्टेंट प्रो माधुरी कुमारी, डॉ अंजू प्रभा, डॉ रूपा कुमारी, संतोष कुमार आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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