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जिले में ठंड का प्रहार, 11 डिग्री तक गिरा पारा

Updated at : 24 Dec 2025 6:36 PM (IST)
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जिले में ठंड का प्रहार, 11 डिग्री तक गिरा पारा

जिले में ठंड का प्रहार, 11 डिग्री तक गिरा पारा

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बर्फीली हवाओं से बढ़ी कनकनी, अलाव बना सहारा, बाजार में पसरा सन्नाटा मधेपुरा. जिले में ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है. बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सुबह से ही बर्फीली हवाओं के साथ कनकनी ने ऐसा असर दिखाया कि आम जनजीवन प्रभावित हो गया. ठंड की तीव्रता के कारण लोग घरों में दुबके रहे और सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही देखने को मिली. अलाव से मिल रही है राहत सुबह के समय ठंड इतनी ज्यादा रही कि धूप निकलने के बावजूद राहत नहीं मिली. जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग पूरी तरह ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आए. शॉल, मफलर, टोपी और दस्ताने ठंड से बचाव के मुख्य साधन बने रहे. चौक-चौराहों और प्रमुख सड़कों के किनारे लोग अलाव जलाकर हाथ सेंकते दिखे. बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजार क्षेत्र में अलाव के आसपास लोगों की भीड़ जुटी रही. ग्राहक कम आ रहे है बाजार ठंड का असर बाजार पर भी साफ दिखा. सुबह देर तक दुकानें बंद रहीं और दोपहर में भी ग्राहकों की संख्या कम रही. शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया. हालांकि गर्म कपड़ों की दुकानों पर खरीदारी को लेकर हलचल बनी रही. दुकानदारों के अनुसार स्वेटर, जैकेट, कंबल, टोपी और मफलर की मांग में अचानक बढ़ोतरी हुई है. ठंड बढ़ने के साथ ही गर्म कपड़ों की बिक्री में इजाफा होने की उम्मीद जतायी जा रही है. दिहाड़ी मजदूरों को ज्यादा परेशानी कड़ाके की ठंड का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और खुले में काम करने वाले लोगों पर पड़ा है. ठंड के कारण कामकाज प्रभावित हुआ है, जिससे उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है. वहीं बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए यह मौसम जोखिम भरा साबित हो रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. बदल गयी है दिनचर्या मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं. आने वाले दिनों में तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव के साथ ठंडी हवाएं चलती रहेंगी. ऐसे में जिला प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था बढ़ाने और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने की मांग भी उठ रही है. कुल मिलाकर मधेपुरा में ठंड ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह बदल कर रख दिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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