टूटे नाले के ढक्कन से बढ़ा हादसों का खतरा, एक सप्ताह में कई लोग हुए घायल

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टूटे नाले के ढक्कन से बढ़ा हादसों का खतरा, एक सप्ताह में कई लोग हुए घायल

मुरलीगंज की गड़ोदिया गली में नाले का टूटा ढक्कन लगातार हादसों का कारण बन रहा है. स्थानीय लोगों ने निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए नगर पंचायत से तत्काल मरम्मत और स्थायी समाधान की मांग की है.

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मुरलीगंज (मधेपुरा) नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 8 और 9 के बीच स्थित स्टेट हाईवे को गोल बाजार से जोड़ने वाली चर्चित गड़ोदिया गली में नाले का टूटा ढक्कन (प्लेट) लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. पिछले एक सप्ताह से सड़क के बीच बने नाले का ढक्कन क्षतिग्रस्त होने के कारण साइकिल, बाइक और छोटे वाहन चालक लगातार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जल्द मरम्मत की मांग की है.

जानकारी के अनुसार, 24 जून 2026 की सुबह भवन निर्माण सामग्री से लदा एक ट्रैक्टर गली से गुजर रहा था. इसी दौरान नाले का ढक्कन अचानक टूट गया. गली संकरी होने के कारण बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन उस समय आवाजाही कम रहने से जनहानि टल गई. तब से टूटा ढक्कन अब तक नहीं बदला गया है.

2024 में भी पलट चुका है ट्रक

स्थानीय लोगों ने बताया कि अगस्त 2024 में भी इसी स्थान पर नाले का ढक्कन टूटने से एक ट्रक असंतुलित होकर पलट गया था. ट्रक पास की एक झोपड़ी पर जा गिरा था, जिससे झोपड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी. संयोग से उस समय परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया था.

गुणवत्ताहीन निर्माण का आरोप

स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का आरोप है कि नाले का निर्माण शुरू से ही मानकों के अनुरूप नहीं किया गया. कमजोर ढक्कनों के कारण वे बार-बार टूट जाते हैं. इससे पहले भी एक मालवाहक ट्रैक्टर का पहिया नाले में धंस चुका है. लोगों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर पर्याप्त निगरानी नहीं होने के कारण ऐसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं.

बताया जाता है कि इस नाले का निर्माण दिसंबर 2021 में शुरू हुआ था और अगस्त 2022 में पूरा हुआ. निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद से इसके ढक्कन टूटने की शिकायतें मिलने लगी थीं.

नगर पंचायत ने भारी वाहनों को ठहराया जिम्मेदार.

नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि गली में भारी वाहनों के प्रवेश पर पहले से प्रतिबंध है. इसके बावजूद भवन निर्माण सामग्री से लदे ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहन गली से गुजरते हैं, जिससे नाले के ढक्कन टूट जाते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही नया ढक्कन लगाया गया था, लेकिन भारी वाहन के गुजरने से वह फिर क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने बताया कि गली में नो-पार्किंग और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक संबंधी निर्देश पहले से लागू हैं.

वार्ड प्रतिनिधि ने उठाए सवाल

वार्ड संख्या 9 के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि सुजीत कुमार शास्त्री ने कहा कि वार्ड के कई स्थानों पर नाले के ढक्कन टूटे या खुले पड़े हैं. इसकी जियो-टैगिंग फोटो तैयार कर कई बार सहायक अभियंता को भेजी गई और मरम्मत की मांग की गई, लेकिन वर्षों बाद भी स्थायी समाधान नहीं हो सका. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण लोगों की जान जोखिम में बनी हुई है.

स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से अविलंब टूटे ढक्कन की मरम्मत कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने तथा गली में भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके.

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Sanjay Kumar

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