मधेपुरा. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय व पूर्णिया विश्वविद्यालय से चयनित एनएसएस टीम ने असम के नालबाड़ी में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय एकीकरण शिविर में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर बिहार का नाम गौरवान्वित किया. यह राष्ट्रीय स्तर का शिविर 22 से 28 दिसंबर 2025 तक कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत व पुरातन विश्वविद्यालय नालबाड़ी असम में आयोजित किया गया, इसमें देश के 19 राज्यों की टीमों ने भाग लिया. बीएनएमयू की ओर से चयनित टीपी कॉलेज के एनएसएस स्वयंसेवक व सलाहकार समिति सदस्य आनंद आशीष ने एनएसएस वॉलंटियर टीम लीडर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी, जबकि टीम का नेतृत्व, संचालन व आंतरिक समन्वय दलनायक के सशक्त मार्गदर्शन में संपन्न हुआ. दलनायक के अनुशासनपूर्ण नेतृत्व व टीम भावना के कारण बिहार की टीम ने प्रत्येक गतिविधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. शिविर के दौरान टीम द्वारा स्पीच प्रतियोगिता में सशक्त प्रस्तुति, पोस्टर मेकिंग के माध्यम से सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता अभियान, पौधरोपण कार्यक्रम तथा स्वयंसेवकों के बीच आपसी सहयोग जैसी गतिविधियां सफलतापूर्वक संचालित की गयी. बीएनएमयू एनएसएस टीम व पूर्णिया विश्वविद्यालय, बिहार के उपलब्धि में शामिल स्वयंसेवक में एनएसएस वॉलंटियर टीम लीडर आनंद आशीष, आन्या कुमारी, सूरज कुमार, सरिता कुमारी, निरंजला कुमारी, अन्नू कुमारी, प्रकाश किरण, वर्षा कुमारी, भोला कुमार राठौर, सुंदर कुमार, दलनायक कक्ष में प्रेमनाथ आचार्य व अभिषेक आचार्य का योगदान भी सराहनीय रहा. शिविर के स्थानीय एनएसएस कोऑर्डिनेटर गुनीत साइकिया ने बिहार टीम की प्रशंसा करते हुए कहा “दलनायक के अनुशासित नेतृत्व और आनंद आशीष द्वारा एनएसएस टीम के कुशल प्रबंधन ने बिहार को शीर्ष स्थान तक पहुंचाया. मौके पर कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत व पुरातन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो प्रह्लाद आर्य जोशी व एनएसएस असम क्षेत्रीय निदेशक डॉ डी कार्तिगेन ने भी पूरी टीम को बधाई दी. वहीं बीएनएमयू के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक ने बिहार टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा “असम की धरती पर बिहार के छात्रों द्वारा किया गया यह प्रदर्शन सराहनीय व प्रेरणादायी है. अनुशासन, टीमवर्क और सेवा भावना के साथ बिहार की टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर एक मिसाल कायम की है. यह उपलब्धि न केवल बीएनएमयू, पूर्णिया विश्वविद्यालय, टीपी कॉलेज और एनएसएस के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह सिद्ध करती है कि बिहार का युवा नेतृत्व, अनुशासन, सेवा और टीमवर्क के बल पर राष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है.
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