दुर्गामंदिर में हवन का है विशेष महत्व

Published at :25 Sep 2016 2:54 AM (IST)
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दुर्गामंदिर में हवन का है विशेष महत्व

त्योहार . दुर्गापूजा को लेकर सभी मंदिरों में तैयारी को दिया जा रहा अंतिम रूप नवरात्र हिंदू धर्म का महापर्व है. आम तौर पर नवरात्र नौ दिनों का होता है. लेकिन इस वर्ष नवरात्र में दस दिनों तक मां दुर्गा की अाराधना की जायेगी. एक अक्तूबर को कलश स्थापना की जायेगी तो 11 अक्तूबर को […]

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त्योहार . दुर्गापूजा को लेकर सभी मंदिरों में तैयारी को दिया जा रहा अंतिम रूप

नवरात्र हिंदू धर्म का महापर्व है. आम तौर पर नवरात्र नौ दिनों का होता है. लेकिन इस वर्ष नवरात्र में दस दिनों तक मां दुर्गा की अाराधना की जायेगी. एक अक्तूबर को कलश स्थापना की जायेगी तो 11 अक्तूबर को विजयादशमी होगा. दुर्गा पूजा को लेकर जिले भर में मां का मंदिर सज धज कर तैयार हो रहा है़ देश के विभिन्न प्रांतों से आये हुए कलाकारों के द्वारा माता के प्रतिमाओं को आकर्षक रूप दिया जा रहा है़
मधेपुरा : शहर के रेलवे कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर में अष्टमी की रात होने वाले हवन का विशेष महत्व है. यहां पूजा में खर्च का कुल बजट करीब चार लाख है. सहरसा के मूर्तिकार दिनेश पंडित द्वारा मैया की प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जा रहा है.इस बाबत रेल कॉलोनी दुर्गा मंदिर पूजा समिति के सदस्य मनोज गुप्ता, गौतम कुमार, अशोक यादव, अजय मास्टर, रविंद्र रजक, रंजन कुमार सहित अन्य ने बताया कि श्रद्धा भाव से हवन में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की सारी मनोकामनाएं माता पूरी करती है.
उन्होंने कहा कि रेलवे कॉलोनी मंदिर के हवन में भाग लेने वाले भक्त आज देश ही नहीं विदेशों में भी जॉब कर रहे है. वहीं मंदिर समिति के अध्यक्ष कन्हैया पासवान, उपाध्यक्ष कन्हैया पासवान, कोषाध्यक्ष आलोक चौधरी एवं सचिव राम अवतार प्रसाद ने कहा कि सन् 1959 में तत्कालीन स्टेशन मास्टर द्वारा रेलवे कॉलोनी में माता की पूजा शुरू की गयी थी. तब वंशी धर मुखर्जी मंदिर के पुजारी हुआ करते थे. कोषाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि इस वर्ष माता के पूजा में लगभग चार लाख का खर्च हो रहा है. जिसमें पंडाल सजावट पर साढे तीन लाख, रावण दहन पर 31 हजार एवं अन्य खर्च करीब पचास हजार रुपये का हो रहा है.
वहीं महाअष्टमी एवं महानवमी की रात में मैया जागरण का आयोजन किया जायेगा. बताया गया कि मैया जागरण का खर्च रैक प्वांइट के लेवर युनियन द्वारा वहन किया जायेगा. मौके पर माता के प्रतिमा को भव्य रूप प्रदान कर रहे सहरसा के कलाकार दिनेश पंडित ने कहा कि माता रानी की दया से यह मौका मिला है.
शहर में यहां होती है पूजा
शहर में चार जगहों पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की जाती है. मुख्य बाजार स्थित पुरानी दुर्गा मंदिर में वर्षों से नगरवासियों के द्वारा वैदिक रीति रिवाज के अनुसार मां जगदंबा की अराधना की जाती है. वहीं बांग्ला स्कूल परिसर में सदियों से मां दुर्गा की पूजा बंगाली प्रद्धति के अनुसार होती है. इसके अलावे रेलवे कॉलनी परिसर एवं गोशाला चौक स्थित दुर्गा मंदिर में वैदित रिति से पूजा अर्चना की जाती है. गौरतलब है कि गोशाला में वर्ष 2001 से माता का दरबार सज रहा है.
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