जमाना बना दीवार, चोरी-छिपे होता रहा दीदार

सहरसा नगर : पाश्चात्य देशों में एक-दूसरे को खास कर प्रेमी-प्रेमिकाओं के बीच किस करने की आजादी देखने को मिलती है. वहां के लोगों में इसको लेकर कोई संकोच नहीं है, लेकिन भारतीय सभ्यता में देखा देखी का यह त्योहार किस डे के मौके पर फंसता नजर आया. रोज व प्रपोज तक छक्का मारने वाले […]
सहरसा नगर : पाश्चात्य देशों में एक-दूसरे को खास कर प्रेमी-प्रेमिकाओं के बीच किस करने की आजादी देखने को मिलती है. वहां के लोगों में इसको लेकर कोई संकोच नहीं है, लेकिन भारतीय सभ्यता में देखा देखी का यह त्योहार किस डे के मौके पर फंसता नजर आया. रोज व प्रपोज तक छक्का मारने वाले यंगस्टर्स भी किस डे के नाम पर शर्माने लगते हैं. देश की सभ्यता व संस्कृति का प्रभाव कहिये या फिर पारिवारिक संस्कार, जो हमे खुलापन के नाम पर अपसंस्कृति फैलाने से रोकता है.
शनिवार को वेलेंटाइन वीक में किस डे के मौके पर प्रेम के पुजारी एक दूसरे से मिलते रहे, लेकिन लोकेशन व टाइमिंग को चेंज करते रहे. इन लोगों की गतिविधि की जानकारी घरवालों के अलावा खास दोस्तों को भी नहीं हो सकी. वेलेंटाइन वीक में सोशल साइटों का भी खूब प्रयोग हुआ है. इसमें हर दिन नये थीम के साथ प्यार के मैसेज भेजे गये हैं.
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