स्कूल छोड़ बच्चे कर रहे मजदूरी

Published at :13 Jan 2016 6:38 PM (IST)
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स्कूल छोड़ बच्चे कर रहे मजदूरी

स्कूल छोड़ बच्चे कर रहे मजदूरी प्रतिनिधि, उदाकिशुनगंजकेंद्र सरकार द्वारा पारित शिक्षा अधिकार अधिनियम का उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में धज्जियां उड़ायी जा रही है़ आलम यह है कि होटल चाय की दुकान से लेकर चिमनियों तक के व्यवसाय बाल श्रमिकों के भरोसे ही चल रहे है़ं शिक्षा अधिकार अधिनयम से अनभिज्ञ हो बच्चे पढ़ कर […]

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स्कूल छोड़ बच्चे कर रहे मजदूरी प्रतिनिधि, उदाकिशुनगंजकेंद्र सरकार द्वारा पारित शिक्षा अधिकार अधिनियम का उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में धज्जियां उड़ायी जा रही है़ आलम यह है कि होटल चाय की दुकान से लेकर चिमनियों तक के व्यवसाय बाल श्रमिकों के भरोसे ही चल रहे है़ं शिक्षा अधिकार अधिनयम से अनभिज्ञ हो बच्चे पढ़ कर अपने भविष्य संवारने के बदले मेहनत मजदूरी कर परिवार के पेट की आग बुझाने को मजबूर हैं. सरकार छह से 14 वर्ष तक बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए कई प्रयास कर रही है़ बच्चों तथा अभिभावकों को शिक्षा अधिकार अधिनियम के प्रति जागरूक करने के लिए कई बार केंद्र सरकार के सौजन्य से अनुमंडल सहित जिले के सभी प्रखंडों के सुदूर देहाती क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक का आयोजन करके ग्रामीणों के यह समझाया गया कि केंद्र सरकार द्वारा छह से 14 वर्ष के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जायेगी. लिहाजा अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजें. सरकार द्वारा आमजनों की जागरूकता के लिए करोड़ों खर्च के बावजूद किया गया़ यह नुक्कड़ नाटक महज तमाशा बनकर रह गया है़ इसके बारे में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विंदेश्वरी प्रसाद सिंह कहते है कि छह से 14 वर्ष की उम्र के कई बच्चे बाल श्रम में लगे है. इसकी सूचना विभाग को भी है. नये सत्र के आरंभ होते ही प्रत्येक विद्यालय में शिक्षा समिति का गठन किया जायेगा. प्रखंड के सभी प्रधानाध्यापक के साथ बैठक कर उन्हें निर्देश दिया जायेगा कि वे अपने विद्यालय क्षेत्र के अभिभावकों के साथ शिक्षा समिति की सहायता से नियमित बैठक करें. बैठक में ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उनके अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा की मुख्यधारा में लाने का आग्रह किया जायेगा. लगातार ऐसे प्रयास से जरूर बदलाव आयेगा.

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