सात वर्ष से कार्यालय ही बनकर रह गया है ओबीसी छात्रावास
Updated at : 21 Nov 2017 6:31 AM (IST)
विज्ञापन

मधेपुरा : नाम ओबीसी छात्रावास हालत यह कि कभी छात्रों को हॉस्टल रहने के लिए मुहैया तक न हो सका. सात वर्ष बीत गये भवन एक बार फिर जर्जर स्थिति में है. इन सात वर्षों में कई विभाग के कार्यालय ही यहां चलते रहे. अब भी शिक्षा विभाग का कार्यालय बदस्तूर चल रहा है. यह […]
विज्ञापन
मधेपुरा : नाम ओबीसी छात्रावास हालत यह कि कभी छात्रों को हॉस्टल रहने के लिए मुहैया तक न हो सका. सात वर्ष बीत गये भवन एक बार फिर जर्जर स्थिति में है. इन सात वर्षों में कई विभाग के कार्यालय ही यहां चलते रहे. अब भी शिक्षा विभाग का कार्यालय बदस्तूर चल रहा है. यह अलग बात है कि कल्याण विभाग ने कई महीने पहले शिक्षा विभाग को भवन खाली करने का नोटिस दिया.
छात्र ढूंढते रहे ठिकाना, चलता रहा कार्यालय. एक करोड़ दस लाख की लागत से शिवनंदन प्रसाद मंडल इंटर स्तरीय विद्यालय के जमीन पर ओबीसी छात्रावास का निर्माण वर्ष 2009/10 में किया गया, लेकिन इस भवन में सात वर्ष बीत जाने के बाद भी किसी भी छात्र को रहने के लिए कमरा मयस्सर नहीं हो सका. यहां कई कार्यालय चले और अंतत: वर्तमान में गत तीन वर्षों से शिक्षा विभाग का कार्यालय चल रहा है. डीइओ, डीपीओ माध्याह्न भोजन समेत कई पदाधिकारी का कार्यालय यहां कार्यरत है. भवन के बनते ही कभी जनगणना तो कभी मेडिकल कॉलेज का कार्यालय चलता रहा. छात्रावास वर्तमान में भी शिक्षा विभाग का कार्यालय ही बन कर रह गया है. ओबीसी छात्रावास के अतिक्रमित रहने से छात्र पठन-पाठन के लिए यहां वहां भटक रहे है.
जिला कल्याण पदाधिकारी को प्रभार दिया जा चुका है. मेरे समय में शिक्षा विभाग को भवन खाली करने का नोटिस दिया गया है, लेकिन शिक्षा विभाग भवन खाली नहीं कर रहा है. वार्ता के बाद विभाग ने जल्दी खाली करने का आश्वासन दिया है. मरम्मत कराकर छात्रावास का सुचारू रूप से संचालन किया जायेगा. छात्रावास के भवन में किसी भी तरह के कार्यालय का संचालन नहीं होगा. सरकार ने इस संबंध में स्पष्ट कर दिया है. इसका अनुपालन किया जायेगा.
रजनीश कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, मधेपुरा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




