रवि मुरारी सिन्हा/लखीसराय/बिहार: जिले के किऊल थाना क्षेत्र के वृंदावन में 24 दिसंबर 2025 की रात अचानक हड़कंप मच गया. किऊल रेलवे मैदान के पास किन्नर गुंजा देवी के पति विनोद साह पर अपराधियों ने धारदार हथियार से गला रेतकर हमला कर दिया. खून से लथपथ विनोद को पुलिस ने सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में उसे पटना रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.
आरोप और दर्ज हुआ मुकदमा
घटना के कुछ दिन बाद 27 दिसंबर 2025 को किन्नर गुंजा देवी ने किऊल थाना में आवेदन देकर अपने ही गोतिया के तीन लोगों अमर पासवान, शक्ति पासवान और रंजन पासवान पर हत्या का आरोप लगाया. पुलिस ने इस पर कांड संख्या 105/25 दर्ज कर जांच शुरू की.
शुरू से शक के घेरे में मामला
पुलिस को शुरुआत से ही यह मामला संदिग्ध लग रहा था. थानाध्यक्ष ने गुंजा और ग्रामीणों से पूछताछ की और साथ ही तकनीकी अनुसंधान भी शुरू कराया. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी का रुख पूरी तरह बदलने लगा. जांच में सामने आया कि यह हत्या किसी बाहरी दुश्मनी का नतीजा नहीं, बल्कि घर के भीतर रची गई साजिश थी. पुलिस को सबूत मिले कि किन्नर गुंजा ने ही सुपारी देकर अपने पति विनोद साह की हत्या करवाई थी.
दो रिश्ते, एक साजिश
पुलिस जांच में यह भी बड़ा खुलासा हुआ कि गुंजा ने विनोद साह के अलावा 12 दिसंबर को कजरा थाना क्षेत्र के अरमा के रहने वाले संतोष कुमार से कोर्ट मैरिज कर ली थी. इसके बाद गुंजा और उसका प्रेमी संतोष मिलकर विनोद को रास्ते से हटाने की योजना बनाने लगे.
ट्रेन में मुलाकात, पति बनकर रहने लगा विनोद
एसपी अजय कुमार ने बताया कि विनोद साह पटना सिटी का रहने वाला था. ट्रेन में उसकी मुलाकात गुंजा से हुई और धीरे-धीरे वह उसके साथ पति की तरह रहने लगा लेकिन कोर्ट मैरिज के बाद विनोद दोनों के रास्ते का रोड़ा बन गया.
साजिश का अंजाम
24 दिसंबर की रात संतोष ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर विनोद पर हमला किया. धारदार हथियार से उसका गला रेता गया और उसे मरा समझकर छोड़ दिया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले के खुलासे के लिए SDPO शिवम कुमार के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम गठित की गई. छापेमारी कर पुलिस ने कांड की वादिनी किन्नर गुंजा, उसका प्रेमी संतोष कुमार और तीन अन्य आरोपियों राज नारायण उर्फ राजन, अजीत कुमार और मोहम्मद अफताब को गिरफ्तार कर लिया.
सबूत भी मिले हाथ

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से हत्या के लिए उपयोग में लाए गए दो ब्लेड बरामद किए. इसके अलावा गुंजा और संतोष का कोर्ट मैरिज का पेपर और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए.
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पूरी तरह सुलझा हत्या कांड
एसपी अजय कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि यह मामला पूरी तरह से साजिशन हत्या का है. पुलिस ने सभी कड़ियां जोड़ ली हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. न्याय की गुहार लगाने वाली गुंजा ही हत्या की मास्टरमाइंड निकली. प्रेम, धोखा और लालच से शुरू हुई यह कहानी आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंचकर खत्म हुई.

