मौत के साए में पढ़ रहे बच्चे, जर्जर स्कूल भवन से हर दिन हादसे का खतरा

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मौत के साए में पढ़ रहे बच्चे, जर्जर स्कूल भवन से हर दिन हादसे का खतरा

School Safety : लखीसराय के पीरीबाजार क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय माहा का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है. छत से प्लास्टर गिर रहा है, दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं और मासूम बच्चे हर दिन जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं.

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पीरीबाजार (लखीसराय) से रविराज आनंद की रिपोर्ट

School Safety : लखीसराय जिले के पीरीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत कसबा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय, माहा की बदहाल स्थिति शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. वर्षों पुराने इस विद्यालय भवन की छत और दीवारें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं. इसके बावजूद छात्र-छात्राएं और शिक्षक जान जोखिम में डालकर यहां पढ़ाई और शिक्षण कार्य कर रहे हैं. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

हर दिन हादसे के डर में गुजर रही पढ़ाई

विद्यालय की छत से आए दिन सीमेंट और प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है. भवन की दीवारों में चौड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे इसकी मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं. बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं में बैठना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में बच्चे पढ़ाई से अधिक अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत रहते हैं.

शौचालय भी जर्जर, छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी

विद्यालय भवन के साथ-साथ शौचालय भी पूरी तरह जर्जर हो चुका है. इसका सबसे अधिक असर छात्राओं पर पड़ रहा है. मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उन्हें रोजाना असुविधा और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है.

कई बार भेजा गया प्रस्ताव, नहीं हुई कार्रवाई

School Safety : विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार सिंह ने कई बार जिला शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर नए भवन निर्माण या तत्काल मरम्मत की मांग की है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है.

ग्रामीणों ने प्रशासन को दी चेतावनी

स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उनका कहना है कि यदि विद्यालय भवन की मरम्मत या नए भवन का निर्माण शीघ्र नहीं कराया गया और कोई हादसा हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और प्रशासन की होगी.ग्रामीणों ने मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालय भवन का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और जल्द से जल्द सुरक्षित भवन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

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