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ऑनलाइन शैक्षणिक व्यवस्था में नहीं मिल रही सफलता

Updated at : 14 Aug 2024 8:55 PM (IST)
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ऑनलाइन शैक्षणिक व्यवस्था में नहीं मिल रही सफलता

बिहार शिक्षा परियोजना के नियंत्रणाधीन जिले के 46 ई-लाइब्रेरी युक्त शैक्षणिक संस्थानों में ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था गति नहीं पकड़ पा रही है.

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लखीसराय. बिहार शिक्षा परियोजना के नियंत्रणाधीन जिले के 46 ई-लाइब्रेरी युक्त शैक्षणिक संस्थानों में ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था गति नहीं पकड़ पा रही है. ऑनलाइन शैक्षणिक व्यवस्था में सफलता नहीं मिल पा रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नीट एवं जेईई का दो चरणों में मॉक टेस्ट आयोजन के दौरान 11वीं एवं 12वीं के 13178 संबंधित छात्र-छात्राओं में मात्र 333 छात्र-छात्रा ही सहभागी बन पाये हैं. इस प्रकार मात्र 2.52 प्रतिशत बच्चों की भागीदारी को लेकर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने पुनः मॉक टेस्ट कराये जाने का निर्णय लिया है. इस टेस्ट के माध्यम से छात्र- छात्राएं अपनी तैयारियों का मूल्यांकन कर सकते हैं. इस तरह जिले के कुल 46 ई-लाइब्रेरी युक्त शिक्षण संस्थानों में 21 अगस्त को नीट का एवं 23 अगस्त को आईआईटी-जेईई का मॉक टेस्ट का आयोजन किया जायेगा. शिक्षा विभाग की ओर से जेईई और नीट परीक्षा की तैयारी के लिए मॉक टेस्ट का आयोजन किया जा रहा है. यह टेस्ट जिले के 46 आईसीटी लैब वाले प्लस टू के सरकारी विद्यालय में किया जायेगा. जहां ई-लाइब्रेरी अधिष्ठापित है. इससे आईआईटी और जेईई जैसी बड़ी प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों को फायदा होगा. मेडिकल और इंजीनियरिंग में बच्चों की रूचि बढ़ें, इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा यह कदम उठाया गया है. कम संख्या में भागीदारी को लेकर सबसे बड़ी समस्या बिजली आपूर्ति को लेकर बताया जा रहा है. इसके लिए जनरेटर व्यवस्था को लेकर प्रधान शिक्षकों को निर्देशित किया गया है. इसके साथ-साथ ई-लाइब्रेरी व्यवस्था से अनुपलब्ध शैक्षणिक संस्थान के बच्चों में इसके प्रति लगाव कम देखा जा रहा है. जबकि बीपीएससी द्वारा चयनित लगभग 56 कंप्यूटर के शिक्षक भी बहाल किये गये हैं. इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा अभियान दीप्ति ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, ई-लाइब्रेरी अधिष्ठापित विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों को शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी के निर्देश पर परीक्षा आयोजन में सहयोग करने का निर्देश दिया है. इसके पूर्व 15 जुलाई एवं 02 अगस्त को मॉक टेस्ट का आयोजन किया गया था. जिसमें मात्र 2.52 प्रतिशत बच्चों की भागीदारी हो पायी थी. मॉक टेस्ट का आयोजन तीन पालियों में किया जायेगा. साथ ही विद्यालय के प्रधान के देख-रेख में इस टेस्ट का आयोजन किया जायेगा. किसी भी परिस्थिति में कोई भी विद्यालय इस मॉक टेस्ट के आयोजन से वंचित नहीं रहेंगे. उच्च विद्यालय के विज्ञान एवं गणित तथा कंप्यूटर विज्ञान के शिक्षक टेस्ट के दिन अपने-अपने विद्यार्थियों के साथ टेस्ट केंद्र पर रहेंगे. जिस विद्यालय में ई-लाइब्रेरी नहीं है, अपने पास के केंद्र में विज्ञान के बच्चों को आईसीटी लैब ले जायेंगे एवं टेस्ट का सिटिंग प्लान तैयार कर पाली अनुसार बच्चों को टेस्ट दिलवायेंगे. मॉक टेस्ट के पूर्वाभ्यास के लिए बुधवार को सभी विद्यार्थियों का यूजर आईडी कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक के माध्यम से आवश्यक रूप से बनवाने एवं विद्याबोध में लॉगिन कराने का भी निर्देश दिया गया है. ताकि मॉक टेस्ट के दिन अधिक से अधिक बच्चे लॉगिन कर मॉक टेस्ट में सम्मिलित हो सकें.

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