विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार गारंटी पर दो दिवसीय पंच सम्मेलन, डीएम ने बताई नई व्यवस्था की विशेषताएं
फोटो संख्या 08- दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते डीएम शैलेंद्र कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, एनईपी निदेशक नीरज आनंद व डीईओ यदुवंश राम | Prabhat Khabar Network
लखीसराय में "विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी" विषय पर दो दिवसीय पंच सम्मेलन का शुभारंभ हुआ. जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने नई व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें रोजगार अवधि बढ़ाने और पारदर्शिता पर जोर दिया गया.
Lakhisarai Panch Conference: लखीसराय. जिला परिषद सभागार में जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में "विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी" विषय पर दो दिवसीय पंच सम्मेलन का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार तथा एनईपी निदेशक नीरज आनंद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. सम्मेलन में नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था की रूपरेखा और उसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गयी.
डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से दी गई जानकारी
कार्यक्रम की शुरुआत नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था से संबंधित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म के प्रदर्शन से हुई. इसके बाद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच नई व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया.
100 से बढ़ाकर 125 दिन रोजगार की तैयारी
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 में लागू राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ने ग्रामीण परिवारों को रोजगार का कानूनी अधिकार दिया था. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित नई व्यवस्था में रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने का प्रावधान है. साथ ही कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए 60 दिनों का "लीव पीरियड" निर्धारित किया गया है.
ग्रामीण विकास कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
डीएम ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत सरकारी विद्यालयों में चारदीवारी, शौचालय, रसोई शेड, जल निकासी व्यवस्था, मुक्तिधाम निर्माण, तालाबों के जीर्णोद्धार तथा पौधारोपण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा.
जीआईएस तकनीक से बढ़ेगी पारदर्शिता
उन्होंने कहा कि योजना निर्माण और कार्यों की निगरानी के लिए प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल तथा जीआईएस तकनीक का उपयोग किया जाएगा. इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा संसाधनों का आवंटन राज्यों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप किया जा सकेगा.
जनप्रतिनिधियों की रही भागीदारी
Lakhisarai Panch Conference: सम्मेलन में जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम सहित सभी जिला परिषद सदस्य, मुखिया एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. सभी ने ग्रामीण रोजगार और विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किये.
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