कौशल युवा विकास केंद्र पिछले एक साल से अधिक समय से है बंद

Updated at : 21 May 2025 7:21 PM (IST)
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कौशल युवा विकास केंद्र पिछले एक साल से अधिक समय से है बंद

सदर प्रखंड के कौशल विकास युवा केंद्र का संचालन पिछले एक साल से अधिक समय से नहीं हो रहा है.

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बंद होने कारण नहीं हो पाया स्पष्ट, दीवार पर चिपका है बिजली विभाग को नोटिस

कौशल विकास युवा केंद्र में अध्ययनरत बच्चों का भविष्य अधर में लटका

लखीसराय. सदर प्रखंड के कौशल विकास युवा केंद्र का संचालन पिछले एक साल से अधिक समय से नहीं हो रहा है, जिससे कि कौशल विकास युवा केंद्र में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है. सदर प्रखंड के कौशल विकास युवा केंद्र में अध्ययनरत बच्चे का भविष्य बीच में अटक गया है. केंद्र को किस कारण से संचालन नहीं होने आस पास के इलाके के बच्चे बच्चियों को परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है. एक तरफ मुख्यमंत्री विभिन्न योजनाओं को संचालित कर गरीब गुरुवे एवं दलित महादलित के बच्चे को कल्याण करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. वहीं योजनाओं का संचालन के लिए अधिकारी के द्वारा किसी प्रकार का प्रयास नहीं किया जाता है, जिसके कारण ही मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना का बंटाधार हो रहा है.

प्रखंड के आसपास के क्षेत्र के बच्चों को जाना पड़ता है दूर

सदर प्रखंड के कौशल विकास युवा केंद्र का संचालन नहीं होने के कारण प्रखंड के इर्द-गिर्द क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को केंद्र कंप्यूटर के विभिन्न कोर्स करने के लिए आठ से 12 किलोमीटर दूर कवैया रोड जाना पड़ता है. सदर प्रखंड के गढ़ी विशनपुर, खगौर, सालौनाचक, रेहुआ, साबिकपुर, दामोदरपुर, बालगुदर के स्कूली बच्चे को कौशल विकास युवा केंद्र की शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यापीठ चौक से छह सात किलोमीटर दूर कवैया रोड स्टडी के लिए जाना पड़ता है. एक तरफ ई-रिक्शा भाड़ा प्रतिदिन 30 से 40 रुपये खर्च करना पड़ता है. वहीं दूरी होने के कारण थकावट भी बच्चे को हो जाती है.

सदर प्रखंड के केंद्र पर बिजली विभाग का भी है बकाया

सदर प्रखंड के कौशल विकास युवा केंद्र पर बिजली विभाग का भी बकाया है. जिसका नोटिस बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा चिपकाया गया है. बिजली विभाग का 18 हजार 873 रुपये बकाया है, जिसके कारण विद्युत विच्छेद किया गया है.

बच्चे के कम नामांकन होने के कारण कौशल विकास युवा केंद्र, निदेशक पटना से ही बंद कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि 40 प्रतिशत बच्चे का नामांकन अनिवार्य है. इससे कम एडमिशन वाले केंद्र को बंद कर दिया जाता है.

शिखा राय, जिला नियोजन पदाधिकारीB

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Rajeev Murarai Sinha Sinha

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

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