आशा की बैठक में कार्य को लेकर दिया गया निर्देश

Updated at : 16 May 2024 6:47 PM (IST)
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आशा की बैठक में कार्य को लेकर दिया गया निर्देश

आशा की बैठक में कार्य को लेकर दिया गया निर्देश

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किलकारी योजना व मोबाइल एकेडमिक कोर्स को लेकर दी गयी जानकारी

फोटो संख्या 08- बैठक में उपस्थित कार्यकर्ता.

प्रतिनिधि, सूर्यगढ़ा

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा में गुरुवार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वाइके दिवाकर की देखरेख में आशा कार्यकर्ताओं की बैठक हुई. जिसमें बीसीएम राजेश कुमार प्रमाणिक के द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को किलकारी योजना व मोबाइल एकेडमिक कोर्स को लेकर आवश्यक जानकारी दी गयी. मौके पर डॉ अनीता के द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल एकेडमिक कोर्स का प्रशिक्षण दिया गया. बीसीएम ने बताया किलकारी कार्यक्रम मोबाइल आधारित सेवा है. इसका उद्देश्य लाभार्थियों को सीधे गर्भावस्था, प्रसव और शिशु देखभाल के बारे में संदेश देकर उन्हें नवजात शिशु की देखभाल के लिए स्वस्थ विकल्प चुनने के लिए प्रोत्साहित करना है. प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य पोर्टल पर पंजीकृत हुई, महिलाओं को किलकारी योजना के माध्यम से संवादात्मक ध्वनि प्रतिक्रिया के जरिये गर्भावस्था, प्रसव और बच्चे की देखभाल के बारे में मुफ्त व साप्ताहिक अंतराल में समय-समय पर आवश्यक श्रव्य संदेश दिये जाते हैं. इसके तहत मैसेजिंग सेवा गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में शुरू होती है और तब तक जारी रहती है, जब तक कि बच्चा एक वर्ष का न हो जाये. इसमें साप्ताहिक संदेश परिवारों को इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान प्रत्येक सप्ताह के लिए प्राथमिकता वाले कार्यों के बारे में जानकारी देने, उन्हें याद दिलाने और सुदृढ़ करने में मदद करते हैं. यह पहल न केवल गर्भवती महिलाओं और बच्चों के जीवन को कई जोखिमों से बचाती है. बल्कि स्वस्थ परिणाम भी सुनिश्चित करती है. इसके अलावा डॉ अनीता के द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल एकेडमी योजना का प्रशिक्षण दिया गया. चिकित्सक ने बताया कि चिकित्सा सेवा को और सुदृढ़ करने की नीयत से सरकार ने आशाओं के लिए मोबाइल एकेडमी योजना शुरू की है. इसके तहत सरकार की ओर से आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल एप की मदद से गर्भवती पांच साल तक के बच्चों की देखभाल संबंधी ट्रेनिंग दी जा रही है. इसके माध्यम से आशा जिले की गर्भवती महिलाओं बच्चों की विशेष तरह देखभाल कर सकेंगी. शिशु मातृ मृत्यु दर को कम करने का नवाचार शिशु-मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए चिकित्सा विभाग कई नवाचार कर रहा है. जिले की आशाओं को मोबाइल एकेडमी ट्रेनिंग कोर्स करवाया जा रहा है. 240 मिनट के इस ट्रेनिंग कोर्स में गर्भावस्था से लेकर जन्म के बाद दो साल तक की संपूर्ण जानकारी मौजूद है. इसके जरिये मां-बच्चे की जिंदगी बचाने में सहायता मिलेगी. इस कोर्स को 11 हिस्सों बांटा गया है. हर हिस्से में चार पाठ और हिस्से के आखिरी में सवाल-जवाब का खेल है. आशा कार्यकर्ताओं को अश्विन पोर्टल पर कार्य की भी जानकारी दी गयी.

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