लखीसराय में शराब डिलीवरी के लिए अपराधी करते हैं चोरी की बाइक का इस्तेमाल, गायब होने लगे लोगों के वाहन

Updated at : 06 Apr 2022 10:54 AM (IST)
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लखीसराय में शराब डिलीवरी के लिए अपराधी करते हैं चोरी की बाइक का इस्तेमाल, गायब होने लगे लोगों के वाहन

लखीसराय के बड़हिया में शराब तस्करों में चोरी के बाइक की बड़ी डिमांड है. यही कारण है कि वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ गयी है. चोरी के बाइकों से शराब की होम डिलीवरी की जाती है.

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लखीसराय के बड़हिया में शराब तस्करों में चोरी के बाइक की बड़ी डिमांड है. यही कारण है कि वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ गयी है. चोरी के बाइकों से शराब की होम डिलीवरी की जाती है. इतना ही नहीं, चोरी के दो पहिया वाहनों से शराब की खेप एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाने में तस्करों को बहुत आसानी होती है.

ऑन डिमांड बाइक की चोरी

आज कल शराब तस्करों में महंगी बाइकों का डिमांड बहुत ज्यादा है. क्योंकि महंगी बाइकों पर पुलिस ज्यादा शक नहीं करती है. जिस से तस्करों का काम बहुत आसानी से हो जाता है. बाइक चोर गिरोह ऑन डिमांड बाइक की चोरी करते हैं. कहें तो जिस तरह की बाइक का डिमांड तस्करों द्वारा किया जाता है. बाइक चोर के द्वारा वैसी बाइक मुहैया करा दिया जाता है.

अंतर राज्यीय बाइक चोर गिरोह से संपर्क

सूत्रों का कहना है कि यह गिरोह जिस बाइक की चोरी करनी होती थी उसकी पहले रेकी करते हैं. फिर मौका मिलते ही उन गाड़ियों को उड़ा ले जाते है. मिली जानकारी के अनुसार बड़हिया थाना अंतर्गत पहाड़पुर गांव बाइक चोर गिरोह का महफूज ठिकाना बना हुआ है. पांच से छह की संख्या में पहाड़पुर के नवोदित चोर इस तरह के गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं, जो अंतर राज्यीय बाइक चोर गिरोह के संपर्क में रहते हैं.

20 से 30 हजार के मामूली रकम में बेच दी जाती है

सूत्रों की माने तो सिर्फ पहाड़पुर से महीने भर में काम से काम चोरी की 10 से 20 महंगी बाइक का बिक्री 20 से 30 हजार के मामूली रकम में बेच दी जाती है. शराब की तस्करी और दूसरे अपराधों में इन्हीं चोरी की बाइकों का नंबर बदल कर इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है. बाइक चोरी की स्थिति यह है की बिहार का शायद ही ऐसा कोई कोना है, जहां बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम नहीं दिया जाता हो.

पुलिस के ढीले रवैये से चोरों का हौसला बुलंद

जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन हर रोज मोटरसाइकिल चोरी की एक घटना होती है, लेकिन पुलिस न तो चोरी की वारदातों को कम कर पा रही है और न ही चोरी के बाद उनकी बरामदगी. बाइक चोरी को ‘छोटा’ अपराध मानने वाली पुलिस के ढीले रवैये से चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि रात के समय चोरी करने वाले चोर अब दिन दहाड़े बाइकों उठाने लगे हैं.

सैकड़ों पीड़ित गंवा चुके हैं अपनी बाइक

बाइक चोर गिरोह की शिकायत पुलिस के पास तो जरूर पहुंचती है, लेकिन पुलिस इसे गंभीरता से नहीं लेती है और चोरी की बाइक सड़कों पर आराम से फर्राटे भर रहे हैं. पुलिस के ढीले रवैए के कारण बाइक चोरों के हौसले बुलंद हैं. ऐसे सैकड़ों पीड़ित हैं जो अपनी बाइक गंवा चुके हैं और थानों के चक्कर लगा रहे हैं. उनकी बाइक वापस मिलेगी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है.

बैरंग लौटी पुलिस

इसी क्रम में विगत एक अप्रैल को नवादा पुलिस के एसडीपीओ अपने दल बल के साथ पहाड़पुर गांव में रात्रि के लगभग 2:30 से सुबह के करीब 4:00 बजे तक सघन छापेमारी कर तीन लोगों के नाम सहित उसको ढूंढ रही थी, लेकिन इस छापेमारी में नवादा पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा.

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