शुभ घड़ी, शुभ मुहूर्त और भद्रा का दिखा असर

शहर के विभिन्न मंदिरों के साथ-साथ अशोक धाम मंदिर में भी पूजा अर्चना को लेकर व्यापक असर देखा गया.
लखीसराय. श्रावणी पूर्णिमा के दिन पूजा अर्चना एवं रक्षाबंधन को लेकर जोर-शोर से प्रचारित किये गये शुभ घड़ी और शुभ मुहूर्त के साथ भद्रा का प्रकोप का शहर के विभिन्न मंदिरों के साथ-साथ अशोक धाम मंदिर में भी पूजा अर्चना को लेकर व्यापक असर देखा गया. अशोक धाम में जहां अहले सुबह श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ पड़ी थी. वहीं समय बीतने के साथ ही इसमें स्पष्ट रूप से कमी आते देखा गया. रक्षाबंधन श्रावणी पूर्णिमा पर इस बार भी भद्रा का साया रहा. इस वजह से सोमवार को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर डेढ़ बजे के बाद से प्रचारित किया गया. ज्योतिषियों की राय में शुभ कार्यों में भद्रा का ध्यान रखना चाहिए. धार्मिक आधार पर यदि भद्रा का साया हो तो राखी नहीं बांधी जाती. जिस किसी भी शुभ कार्य के लिए भी निषेध बताया गया.भद्रा को क्रूर और आसुरी प्रवृत्ति माना गया है. ऐसे में रक्षाबंधन को लेकर अधिकांश लोग घर में रहकर शुभ घड़ी का इंतजार करते रहे. वैसे सावन सोमवारी एवं पूर्णिमा करने वाली खासकर युवतियों की आमद दिनभर बनी रही. पूजा अर्चना का दौर भी जारी रहा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










