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निर्विरोध जिला परिषद अध्यक्ष बनी अंशु कुमारी

Updated at : 21 Jun 2024 7:16 PM (IST)
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निर्विरोध जिला परिषद अध्यक्ष बनी अंशु कुमारी

तमाम अटकलें पर विराम लगाते हुए जिला परिषद अध्यक्ष पद पर हलसी से जिला पार्षद अंशु कुमारी निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गयी.

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लखीसराय. तमाम अटकलें पर विराम लगाते हुए जिला परिषद अध्यक्ष पद पर हलसी से जिला पार्षद अंशु कुमारी निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गयी. जिला परिषद क्षेत्र क्रम संख्या 11 हलसी की जिला पार्षद पहली बार जिला परिषद अध्यक्ष के पद पर काबिज हुई हैं. अंशु कुमारी को 11 सदस्यों में स्वयं समेत 9 सदस्यों का समर्थन प्राप्त हुआ है. जबकि दो सदस्यों के बैठक से अनुपस्थित रहने की बात बतायी जा रही है. जिसमें पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रवि रंजन कुमार उर्फ टनटन एवं जिला परिषद क्षेत्र संख्या तीन के जिला पार्षद रविराज भी शामिल हैं. गहमा-गहमी के माहौल में समाहरणालय परिसर में स्थित मंत्रणा कक्ष में डीएम रजनीकांत की मौजूदगी में अविश्वास प्रस्ताव के बाद रिक्त पड़े अध्यक्ष पद के लिए चुनाव के लिए बैठक संपन्न करायी गयी. बैठक में कुल 11 में से नौ सदस्य उपस्थित हुए. सभी के द्वारा जिला पार्षद के अध्यक्ष के लिए अंशु कुमारी पर अपना विश्वास जताया गया. हालांकि इस दौरान विरोध करने वाले उपस्थित नहीं हुए. डीएम रजनीकांत के द्वारा अंशु कुमारी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया. अंशु कुमारी का प्रस्तावक जिला परिषद क्षेत्र संख्या आठ के जिला पार्षद भानु कुमार बने, निर्वाचित होने के बाद जैसे ही प्रमाण पत्र लेकर अंशु कुमारी बाहर निकली वैसे ही समाहरणालय के बाहर सैकड़ों की संख्या में मौजूद समर्थकों के द्वारा फूल माला पहना कर खुशी जाहिर की गयी. मौके पर अंशु कुमारी ने कहा कि यह उनकी नहीं लखीसराय के सभी जिला पार्षदों की जीत है. बैठक के दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी सुनील कुमार आदि भी उपस्थित थे.

रवि रंजन के खिलाफ अध्यक्ष पद के लिए पूर्व में भी चुनाव लड़ी थी अंशु

रवि रंजन कुमार उर्फ टनटन के खिलाफ अंशु कुमारी जिला परिषद के लिए चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन उन्हें हार मिली थी. सात एवं चार के संख्या में जिला परिषद के अध्यक्ष के चुनाव में बटा रहा, लेकिन अंशु कुमारी को यह भी पूरा विश्वास था कि जिला परिषद अध्यक्ष की सरकार अधिक दिनों तक नहीं चलने वाली है और हुआ भी वैसा ही. जिला परिषद की सरकार में जिला पार्षद को दो साल तक कोई फंड नहीं दिया गया. जिससे कि अधिकांश जिला पार्षद तत्कालीन जिला परिषद की सरकार से खिन्न रहने लगे. अंतोगत्वा रविरंजन उर्फ टनटन की सरकार को गिरा दिया गया एवं अंशु कुमारी को नौ वार्ड पार्षदों ने सर्व समिति से अध्यक्ष पद के लिए चुन लिया.

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