केंद्र द्वारा राशि नहीं देने से योजना की गति धीमी : मंत्री

Published at :14 Jan 2016 7:12 PM (IST)
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केंद्र द्वारा राशि नहीं देने से योजना की गति धीमी : मंत्री

केंद्र द्वारा राशि नहीं देने से योजना की गति धीमी : मंत्रीफोटो संख्या चित्र परिचय: पदाधिकारियों के साथ बैठक करते मंत्रीप्रतिनिधि, लखीसरायगुरुवार को जिला समाहरणालय स्थित एनआइसी भवन के सभागार में बिहार ग्रामीण विकास मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने जिले के सभी पदाधिकारीयों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक के उपरांत अतिथिगृह […]

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केंद्र द्वारा राशि नहीं देने से योजना की गति धीमी : मंत्रीफोटो संख्या चित्र परिचय: पदाधिकारियों के साथ बैठक करते मंत्रीप्रतिनिधि, लखीसरायगुरुवार को जिला समाहरणालय स्थित एनआइसी भवन के सभागार में बिहार ग्रामीण विकास मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने जिले के सभी पदाधिकारीयों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक के उपरांत अतिथिगृह में प्रेसवार्ता आयोजित कर उन्होंने विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा की गयी जिसमें इंदिरा आवास, मनरेगा, जीविका सहित ग्रामीण विकास से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा कर जानकारी ली गयी. कहा कि इस जिले में मनरेगा का कार्य संतोषजनक पाया गया. लगभग 60 प्रतिशत मानव दिवस सृजन किया गया है, शेष 31 जनवरी तक पूरा कर लिये जाने का निर्देश दिया गया है. इंदिरा आवास का कार्य संतोषजनक नहीं है. इस बार तीन हजार लक्ष्य है. पुराना लक्ष्य पांच हजार लंबित है. यह गंभीर समस्या है. लंबित इंदिरा आवास को पूरा करने का निर्देश दिया गया है. पूरा नहीं होने पर संबंधित दोषी अधिकारी को दंडित किया जायेगा. राशि की कमी है भारत सरकार से इस मद में राशि नहीं मिल पा रही है. अभी तक सात जिले हैं, जहां 2014 /15 के दूसरे किस्त की राशि नहीं मिली है. वहीं नौ जिले में तो पहले किस्त की राशि भी केंद्र के द्वारा नहीं दी गयी है. जिस कारण संतोषजनक कार्य लक्ष्य के अनुसार नहीं हुआ है. बिहार के लिए केंद्र ने इंदिरा आवास का दो लाख 80 हजार का लक्ष्य रखा. बिहार में एनडीए का सुपड़ा साफ होते ही पीएम ने गरीबों के हक में कटौती कर लक्ष्य को दो लाख 40 हजार कर दिया. कांग्रेस की सरकार में यह लक्ष्य छह लाख पांच हजार हुआ करता था. गरीबों की गर्दन पर तलवार लटकाने का कार्य एनडीए कर रही है. गरीब को बोझ देने में कटौती नही कर रही है. 60 प्रतिशत केंद्र व 40 प्रतिशत राज्य देगा यह झूठ का खेल अब भी दिल्ली में जारी है. 2022 तक सबको घर देने का लक्ष्य केंद्र ने दिया है जबकि बिहार के 75 लाख गरीबों को छत मुहैया नहीं है. इन सभी को छत देने में 40 साल लग सकते हैं. मनरेगा में सौ प्रतिशत लक्ष्य को घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया गया है. जीविका के द्वारा चार लाख स्वयं सहायता समूह बनाया गया है जिसमें जिले में दो हजार पांच सौ स्वयं सहायता समूह है. इसमें से करीब तीन सौ समूहों को बैंक से जोड़ दिया गया है. 31 जनवरी तक एक हजार और समूहों को जोड़ दिया जायेगा. डेढ़ करोड़ परिवार को अत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है. समूह से जुड़े परिवार के बच्चे को अब किसी से लोन लेने की अवश्कता नहीं है. वे स्वयं कार्य कर अपना जीवन यापन कर सकते हैं. 40 करोड़ भारत सरकार के पास बकाया है. पैसे के अभाव में कार्य धीमा चल रहा है. फिर भी लक्ष्य को पूरा करेंगे. मौके पर डीएम उदय कुमार सिंह, एडीएम किशोरी चौधरी, डीडीसी रमेश कुमार, एसडीओ अंजनी कुमार, उप समाहर्ता राजेश कुमार, प्रभारी डीटीओ मुकेश कुमार, बिजली कार्यपालक अभियंता अमोल कुमार, बीडीओ सदर मंजूल मनोहर मधूप के अलावे प्रेसवार्ता में सूर्यगढ़ा विधायक प्रह्लाद यादव, जदयू नेता रामानंद मंडल, अनीष कुमार, नरेश मंडल, रामगोपाल ड्रोलिया सहित कई लोग शामिल थे.

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