माध्यमिक शक्षिा के नाम पर हो रही खानापूर्ति

Published at :20 Nov 2015 6:46 PM (IST)
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माध्यमिक शक्षिा के नाम पर हो रही खानापूर्ति

माध्यमिक शिक्षा के नाम पर हो रही खानापूर्ति 6 शिक्षक के भरोसे 528 छात्र-छात्राओं का भविष्य फोटो संख्या : 3फोटो कैप्सन : श्री राजा राम हरि सिंह उच्चतर विद्यालय, धपरी प्रतिनिधि, मुंगेर जिले में माध्यमिक शिक्षा के नाम पर इन दिनों महज खानापूर्ति की जा रही है. जो आज के नौनिहालों के भविष्य के लिए […]

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माध्यमिक शिक्षा के नाम पर हो रही खानापूर्ति 6 शिक्षक के भरोसे 528 छात्र-छात्राओं का भविष्य फोटो संख्या : 3फोटो कैप्सन : श्री राजा राम हरि सिंह उच्चतर विद्यालय, धपरी प्रतिनिधि, मुंगेर जिले में माध्यमिक शिक्षा के नाम पर इन दिनों महज खानापूर्ति की जा रही है. जो आज के नौनिहालों के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है. विद्यालय में पर्याप्त कमरे व उपस्कर तो दूर की बात सभी विषयों के शिक्षक तक उपलब्ध नहीं हैं. ऐसी स्थिति में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करना भी बेइमानी होगी. हवेली खड़गपुर प्रखंड स्थित राजा राम हरि सिंह उच्च विद्यालय धपरी, गोबड्डा भी ऐसे विद्यालयों में से एक है. विद्यालय में 528 बच्चे हैं नामांकित राजा राम हरि सिंह उच्च विद्यालय धपरी, गोबड्डा में कुल नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या 528 है. जिन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा मात्र 6 शिक्षकों को पदस्थापित किया गया है. पांच शिक्षकों में से एक कंप्यूटर के शिक्षक हैं. एक शिक्षक अमित पाल को जिला शिक्षा कार्यालय में डिप्टेशन पर प्रतिनियुक्त कर दिया गया है. बांकी के तीन शिक्षक में एक तो प्रभारी प्रधानाध्यापक है जो विभागीय कार्य को लेकर फाइलों व पदाधिकारी के कार्यालय के चक्कर काटने में रह जाते हैं. समझा जा सकता है कि बांकी के तीन शिक्षक 528 छात्र-छात्राओं को किस तरह से सभी विषयों की शिक्षा देंगे. बेंच-डेस्क की नहीं है पर्याप्त व्यवस्था विद्यालय में नौवीं एवं दसवीं के कुल 528 छात्र-छात्राओं के लिए मात्र तीन कमरे उपलब्ध है. वहीं उनके बैठने के लिए मात्र 40 बेंच-डेस्क की व्यवस्था है. यदि एक साथ सभी छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंच जाय तो उनके बैठने की व्यवस्था के लिए दरी की व्यवस्था करनी पड़ती है. जिसके कारण छात्र-छात्राओं के साथ भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. नहीं है शौचालय की व्यवस्था विद्यालय परिसर में महीनों पूर्व एक शौचालय का निर्माण कराया गया. किंतु दुर्भाग्य है कि उसका लाभ आजतक छात्र-छात्राओं को नहीं मिल पाया. शौचालय की व्यवस्था नहीं रहने के कारण खासकर छात्राओं की उपस्थिति विद्यालय में नदारद रहती है. वहीं छात्रों व शिक्षकों को शौच के लिए खेतों का सहारा लेना पड़ता है. इतना ही नहीं यहां पेयजल की व्यवस्था नहीं है. मजबूरन छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को आस-पड़ोस के घरों का सहारा लेना पड़ रहा है. विषयवार शिक्षकों की स्थिति विषय स्वीकृत पदस्थापित हिंदी 4 1अंग्रेजी 4 1 सामाजिक विज्ञान 4 2 विज्ञान 4 0 गणित 4 0संस्कृत 2 0कंप्यूटर 1 1 शारीरिक 1 1कहते हैं प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रभारी प्रधानाध्यापक संतोष कुमार सहनी ने बताया कि शिक्षकों की कमी, शौचालय व पेयजल की समस्याओं से विभाग को अवगत कराया जा चुका है. किंतु इस संबंध में विभाग द्वारा अबतक ध्यान नहीं दिया गया है.

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