अनियमित वद्यिुत आपूर्ति लोगों के लिए बनी परेशानी का सबब

अनियमित विद्युत आपूर्ति लोगों के लिए बनी परेशानी का सबब 40 मेगावाट के जगह मात्र 25 मेगावाट विद्युत की होती है आपूर्ति 76 हजार उपभोक्ताओं पर हैं मात्र 2544 ट्रांसफाॅर्मर प्रत्येक माह लगभग डेढ़ करोड़ रूपया की होती है राजस्व वसूली फोटो : 5(विद्युत विभाग में खराब पड़ा ट्रांसफाॅर्मर)प्रतिनिधि, जमुई कभी लो वोल्टेज तो कभी […]
अनियमित विद्युत आपूर्ति लोगों के लिए बनी परेशानी का सबब 40 मेगावाट के जगह मात्र 25 मेगावाट विद्युत की होती है आपूर्ति 76 हजार उपभोक्ताओं पर हैं मात्र 2544 ट्रांसफाॅर्मर प्रत्येक माह लगभग डेढ़ करोड़ रूपया की होती है राजस्व वसूली फोटो : 5(विद्युत विभाग में खराब पड़ा ट्रांसफाॅर्मर)प्रतिनिधि, जमुई कभी लो वोल्टेज तो कभी तार टूटने तो कभी ट्रांसफाॅर्मर जलने की वजह से और कभी-कभी तो लोड शेडिंग की वजह से विद्युत आपूर्ति अक्सर बाधित रहती है. जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. अनियमित विद्युत आपूर्ति की वजह से विद्युत पर आधारित कई दैनिक कार्यों के निष्पादन में लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों की माने तो विद्युत एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गयी है और घरेलू इस्तेमाल में आने वाले कई यंत्र संयंत्रों का संचालन भी बिजली पर ही होता है. किंतु बिजली की आंखमिचौनी व अनियमित व्यवस्था से लोग परेशानी महसूस करने लगे है. छात्र-छात्राओं को होती है परेशानी अनियमित विद्युत आपूर्ति की वजह से छात्र-छात्राओं को शाम के समय पठन-पाठन में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. शाम में बिल्कुल बिजली रहती ही नहीं है. क्षेत्र के प्रबुद्धजन कहते हैं विभाग राजस्व वसूली में अच्छी सुधार किया है. लेकिन अनियमित विद्युत आपूर्ति में अबतक कोई सुधार नहीं कर सकी है. जो कहीं से न्यायोचित नहीं है. मात्र 25 मेगावाट विद्युत की होती है आपूर्ति विभाग के कर्मियों की माने तो पावर ग्रिड में मात्र 20-20 एमवी का दो ट्रांसफाॅर्मर लगे होने के कारण 25 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति ही हो पाती है. झाझा और जमुई नगर क्षेत्र को 13-14 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जाती है. जबकि खैरा, सिकंदरा और अलीगंज प्रखंड को अन्य प्रखंडों की अपेक्षा कम विद्युत की आपूर्ति की जाती है. ग्रामीण क्षेत्रों में 10-12 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जा रही है. 76 हजार उपभोक्ता पर हैं मात्र 2544 ट्रांसफाॅर्मर विभाग द्वारा पूरे जिले के लगभग 76 हजार उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति कराने हेतु 2544 ट्रांसफाॅर्मर लगाया गया है. जिसमें 16 केवी के 1600,25 केवी के 85,100 और 200 केवी के 796 ट्रांसफाॅर्मर है जो ऊंट के मुंह में जीरा के समान है. वहीं इन ट्रांसफॉर्मरों के देखभाल के लिए मात्र 150 कामगार है. जो कही से भी पर्याप्त नहीं है. लगभग डेढ़ करोड़ प्रतिमाह के हिसाब से होती है राजस्व की वसूली विभाग द्वारा प्रत्येक माह उपभोक्ताओं से विद्युत आपूर्ति के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये राजस्व के रूप में वसूल किया जाता है. लेकिन इसके एवज में विद्युत आपूर्ति बिल्कुल नग्नय है. उपभोक्ताओं की माने तो विद्युत विभाग द्वारा राजस्व वसूली के लिए अक्सर छापेमारी अभियान चलाया जाता है. लेकिन विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कभी कोई विशेष कदम नहीं उठाया जाता है. कहते हैं विद्युत कार्यपालक अभियंताअनियमित विद्युत आपूर्ति के बाबत पूछे जाने पर विद्युत कार्यपालक अभियंता भानु प्रताप सिंह ने बताया कि विद्युत आपूर्ति में सुधार के लिए बोर्ड के अधिकारियों को लिखा गया है. लेकिन बोर्ड द्वारा इस दिशा में कोई समुचित कदम नहीं उठाया है. वर्तमान समय में 40 मेगावाट मांग के जगह मात्र 25 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति की जा रही है. जिससे भी आपूर्ति प्रभावित होता है.
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