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रेल दुर्घटनाओं को रोकने में लोको पायलट व सहायक लोको पायलट की अहम भूमिका

Updated at : 09 May 2019 5:36 AM (IST)
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रेल दुर्घटनाओं को रोकने में लोको पायलट व सहायक लोको पायलट की अहम भूमिका

झाझा : क्रू लॉबी झाझा में बुधवार को स्पेड के कारण और बचाव, ट्रेन पार्टिंग के कारण और बचाव को लेकर संरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य क्रू नियंत्रक सियाराम सिंह ने कहा कि रेल दुर्घटनाओं को रोकने में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट अहम रोल अदा करते […]

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झाझा : क्रू लॉबी झाझा में बुधवार को स्पेड के कारण और बचाव, ट्रेन पार्टिंग के कारण और बचाव को लेकर संरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य क्रू नियंत्रक सियाराम सिंह ने कहा कि रेल दुर्घटनाओं को रोकने में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट अहम रोल अदा करते हैं.

लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को जिस सेक्शन ट्रेन लेकर जा रहे हैं. उनके ग्रेडिएंट, सिग्नल, जीडीआर आदि की जानकारी अच्छी तरीके से होनी चाहिए. ट्रेनों की अच्छी तरह से मार्शलिंग नहीं होने के कारण ट्रेन पार्टिंग की घटना देखने को मिलती है.
संरक्षा गोष्ठी के मुख्य अतिथि के रूप में आये वरीय मंडल विद्युत अभियंता (परिचालन) संजीव कुमार ने कहा कि लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को रास्ते में मिली असामान्यता की घटना को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए. उनके लिए ड्यूटी ऑफ करते समय सीएमएस मशीन में असामान्यता की घटना फीडिंग की व्यवस्था है. लोको पायलट वो जरुर दर्ज करें.
ऐसा करने से सिग्नल, ओएचई, टेलिकॉम डिपार्टमेंट, इंजीनियरिंग के अलावे अन्य विभागों को भी इनकी जानकारी आपके डाटा फिड करते ही संबंधित विभाग को जानकारी मिल जायेगी. जिसे तुरंत सुधार किया जा सके. कुछ लोको पायलट का मानना है कि असामान्यता भरने से कोई फायदा नहीं होता है. ऐसी बात नहीं है हो जो भी आप फिड करेंगे, उन पर अमल किया जाता है.
अतः लोको पायलटों से आग्रह है कि वह रास्ते में मिले सभी असामान्यता की घटनाओं को देखकर बताये जिनसे दुर्घटना रोकी जा सके. कुछ लोको पायलटों ने 10 घंटे से अधिक ड्यूटी कराने की बात कही. इस संबंध में उन्होंने कहा कि इस पर ध्यान दिया जायेगा और पारिवारिक कलह सभी के घरों में होता है.
छोटी-मोटी घटनाओं को नजरअंदाज करें और पारिवारिक संबंध को ठीक रख कर सही ढंग से रेल की ड्यूटी करें. दानापुर से आये मुख्य लोको निरीक्षक एके सिंह ने कहा कि ट्रेन पार्टिंग की घटनाएं सही से ब्रेकिंग नहीं करने, मार्शलिंग का सही नहीं होना संबंधी अन्य बातों पर होती है.
मेल एक्सप्रेस 110 गुड्स ट्रेन 70 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चल रही होती है. उसे एकाएक ब्रेकिंग कर देने से एयर फ्लो इंडिकेटर कभी-कभी 20 से 40 तक भाग जाता है.
इस परिस्थिति में भी लोको पायलट बीपीएस डब्ल्यू दबाकर टाइम लॉस ना हो जाने के चक्कर में दुर्घटना का आमंत्रण देते हैं, जो बिल्कुल गलत है. सहायक लोको पायलट नितेश कुमार ने बताया कि चार-पांच दिन पहले की घटना है कि ट्रेन संख्या 5126 डाउन मुगलसराय से खुलने के बाद सिगनल नंबर 231 को ओवरशूट कर गया.
घटना के संदर्भ में लोको पायलट ने बताया कि विपरीत दिशा से आ रही गाड़ी के चालक ने हेड लाइट डिम नहीं किया. जिसके कारण सिग्नल के भीजिबिलिटी क्लियर नहीं हो पाई और गाड़ी ओवरशूट कर गयी. जो पर्याप्त कारण नहीं है. इसका मुख्य कारण लोको पायलट और सहायक लोको पायलट का सही ढंग से सजग नहीं होना माना जायेगा.
बेहतर कार्य के लिए किया पुरस्कृत
वरीय मंडल विद्युत अभियंता (परिचालन) संजीव कुमार ने बेहतर कार्य को लेकर लोको निरीक्षक सियाराम सिंह, टीएन सुमन, धर्मेंद्र कुमार, लोको पायलट ओपी रावत, एसएस यादव, मनोज कुमार, संतोष कुमार 4, आरआर श्रीवास्तव सहायक लोको पायलट रविराज, नितेश कुमार आदि को उत्कृष्ट कार्य व मंतव्य के लिए पुरस्कृत किया गया.
संरक्षा गोष्टी में आरके झा, मनहर कुमार, राजेश कुमार मरांडी, शिवन प्रसाद, डीके यादव,अरुण कुमार, चंदन कुमार, प्रेमशंकर कृष्णा कुमार, रुपेश कुमार, सेन कुमार, संतोष गुप्ता, गौतम कुमार सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.
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