किऊल कंट्रोल रूम के कारनामे दे रहे दुर्घटनाओं को निमंत्रण

Published at :09 Sep 2017 5:08 AM (IST)
विज्ञापन
किऊल कंट्रोल रूम के कारनामे दे रहे दुर्घटनाओं को निमंत्रण

लखीसराय : किऊल कंट्रोल रूम के कारनामे किसी हादसे को आमंत्रित कर रहा है. कंट्रोल रूम द्वारा पहले से खड़ी ट्रेन के खुलने का सिंग्नल लोअर उस वक्त किया जाता है, जब अप व डाऊन ट्रैक पर कोई ट्रेन आकर प्लेटफॉर्म से खुलने वाली होती है. जिन यात्रियों को ट्रेन पकड़ना होता है वे ट्रेन […]

विज्ञापन

लखीसराय : किऊल कंट्रोल रूम के कारनामे किसी हादसे को आमंत्रित कर रहा है. कंट्रोल रूम द्वारा पहले से खड़ी ट्रेन के खुलने का सिंग्नल लोअर उस वक्त किया जाता है, जब अप व डाऊन ट्रैक पर कोई ट्रेन आकर प्लेटफॉर्म से खुलने वाली होती है. जिन यात्रियों को ट्रेन पकड़ना होता है वे ट्रेन के धीरे होने का इंतजार भी नहीं करते और दौड़ कर दूसरे नंबर पर खुलने वाली ट्रेन को पकड़ते हैं. ऐसे यात्री प्लेटफॉर्म के गड‍्ढे और ऊंचाई भी नहीं देख पाते हैं.

इस तरह की घटना से किऊल जंक्शन पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, हालांकि कई बार एक-दो यात्री के साथ घटना घट चुकी है. हाल ही के दिन में एक महिला की मौत ट्रेन पकड़ने के चक्कर में हो चुकी है. उस घटना में महिला की गोद में रहे बच्चे की जान तो बच गयी, लेकिन मां की मौत हो गयी. 6 सितंबर को ही बाघ एक्सप्रेस से उतर कर सीतामढ़ी में कार्यरत एक बिहार पुलिस के एसआइ प्रमोद कुमार मुंगेर जमालपुर की ओर जाने वाली ट्रेन को पकड़ने के चक्कर में घायल हो गये.

किऊल से धरहरा जाने वाले व शिक्षक सुबोध कुमार सिंह बताते हैं कि वे प्रतिदिन अपने विद्यालय जाते हैं. प्राय: यह देखा गया है कि लगभग 10 बजे दिन में उनकी ट्रेन डीएमयू धरहरा के लिए खुलती है . इस बीच धनबाद से पाटलीपुत्रा व पटना से आने वाली प्लटेफॉर्म पर ट्रेन रुकते ही किऊल भागलपुर ट्रेन को खोल दिया जाता है. इस रूट में कम ट्रेन होने के कारण भागलपुर डीएमयू को लोग दौड़ कर पकड़ते हैं. अगर पटना से आने वाली ट्रेन डाउन ट्रैक पर रुकती है तो प्लेटफॉर्म ऊंचा होने के कारण अप ट्रैक की ट्रेन पकड़ने में खास कर बुजुर्ग, बच्चे और महिलाओं को काफी तकलीफ होती है. डाउन लाइन की प्लेटफॉर्म अप लाइन से काफी ऊंचा है. इस पर ट्रेन पकड़ने के लिये यात्रियों को रेल पटरी क्रॉस करना पड़ता है. इस तरह की जोखिम खास कर उन यात्रियों को उठाना पड़ता है जो पटना से या धनबाद वाली ट्रेन से उतर कर गया और जमालपुर रेल रूट की ट्रेन पकड़ना चाहते हैं.

बोले अधिकारी
स्टेशन प्रबंधक सुशील कुमार चौधरी का कहना है कि जमालपुर व गया के लिए अब ट्रेनों की संख्या बढ़ गयी है. यात्री ट्रेन का इंतजार नहीं करना चाहते हैं. इसलिए जल्दबाजी में एक ट्रेन से दूसरे ट्रेन पर चढ़ने के लिए दौड़ पड़ते हैं, हालांकि इस ओर ध्यान रखा जायेगा. उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म की ऊंचाई व समतलीकरण के लिए कई बार संबंधित विभाग को लिखा गया है. जैसे ही विभाग की ओर से कोई दिशा निर्देश प्राप्त होता है, तुरंत इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी, ताकि यहां के यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं हो.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन