हटखोला व अश्विनी टोला गांव के समीप जंगली हाथियों के प्रवेश से ग्रामीणों में दहशत

हटखोला व अश्विनी टोला गांव के समीप जंगली हाथियों के प्रवेश से ग्रामीणों में दहशत
पौआखाली. ठाकुरगंज व दिघलबैंक प्रखंड क्षेत्र के सीमावर्ती किसानों की चिंता एकबार फिर से हाथियों के झुंड के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के कारण बढ़ने लगी है. नेपाल के जंगलों से हाथियों का भारतीय सीमा में प्रवेश करना और फसलों को नष्ट करना न केवल सीमावर्ती किसानों के लिए आर्थिक नुकसान है, बल्कि वहां के निवासियों की सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर खतरा है. जिन हाथियों के झुंड कलतक सिर्फ मक्का व केला खेती को ही नुकसान पहुंचाया करता था आज धान के अनाज व सब्जियों की खेती को भी नुकसान पहुंचाने लगे हैं. जानकारी के अनुसार पिछले दिनों ठाकुरगंज प्रखंड के जियापोखर थानाक्षेत्र के सीमावर्ती कद्दूभिट्ठा गांव के समीप हटखोला व अश्विनी टोला जैसे इलाके में हाथियों के झुंड प्रवेश करने से ग्रामीण भयभीत हो गये, जिसे नेपाल की ओर वापस भगाने के लिए आग जलाकर शोर मचाना पड़ा है. सामाजिक कार्यकर्ता श्रीप्रसाद अघोड़ी ने बताया कि हाथियों के झुंड ने स्थानीय किसानों के सब्जियों की खेती, अनाज व केले की खेती को नुकसान पहुंचाया है. मालूम हो कि पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से नेपाल के जंगलों से हाथियों के झुंड ठाकुरगंज प्रखंड के सीमावर्ती बंदरझुला पंचायत के साथ ही साथ दिघलबैंक प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में प्रवेश करते हैं. हाथियों के निशाने पर कच्चे मकानों में रखे अनाज व खेतों में लगे फसल रहते हैं. पूर्व में हाथियों के झुंड एक वनकर्मी सहित उन इलाके के कई लोगों को अपने सूंड और पैरों से कुचलकर मौत के घाट उतार चुके है, जिनसे उन इलाके के ग्रामीणों में खासकर रात्रि समय अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा हरदम बना रहता है. हद तो तब है कि इतने वर्षों से हाथियों के झुंड का इन इलाकों में प्रवेश होता रहा है लेकिन वन विभाग के द्वारा अबतक इसे रोकने के ठोस उपाय नहीं करने और सीमावर्ती क्षेत्र के पीड़ित किसानों के फसलों की क्षतिपूर्ति का मुआवजा नहीं मिलने से ग्रामीणों ने रोष व्याप्त है. पीअंचायत के मुखिया एकरामुल हक और वार्ड संख्या एक के वार्ड सदस्य श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि हाथियों के कारण लोगों को जानमाल का नुकसान है साथ ही किसानों के फसलों को भी नुकसान पहुंचता रहा है पूर्व में हाथियों के जानलेवा हमले और फसल क्षतिपूर्ति को लेकर प्रशासन को लिखित जानकारी देकर मुआवजे की मांग की गई लेकिन आजतक इस विषय को लेकर कोई सुनवाई नहीं है. ठाकुरगंज के जदयू विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट तौर पे कहा कि पड़ोसी देश नेपाल की सीमा हाथियों का सुरक्षित कॉरिडोर बन गया है. इस कारण ठाकुरगंज व दिघलबैंक प्रखंड के कई गांवों में हाथियों का उत्पात जानमाल के लिए खतरा बन चुका है. इसलिए इस गंभीर समस्या को वे विधानसभा के पटल पर रखकर यह मांग करेंगे कि दिघलबैंक प्रखंड में वन विभाग का एक शाखा स्थापित हों, जिसका कार्य नेपाल के जंगलों से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले हाथियों के झुंड से सीमावर्ती क्षेत्र के प्रभावित व पीड़ित ग्रामीणों की सुरक्षा और जागरूकता का दायित्व संभालेंगे. उन्हे हाथियों के शिकार होने से बचाव के तरीकों की जानकारी देंगे कैसे हाथियों के झुंड को भारतीय सीमाक्षेत्र में प्रवेश करने रोकने हेतु ठोस उपाय करना है. उस दिशा में कार्य करेंगे.
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