NH पर नियमों की धज्जियां: मिट्टी से ढकी नंबर प्लेट वाले डम्पर बेलगाम, पहचान छिपाने का खेल

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 14 Jun 2026 9:56 AM

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ढकी नंबर प्लेट वाली डंपर

Dumper Number Plate: ठाकुरगंज से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर परिवहन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है. मिट्टी और पत्थरों से लदे दर्जनों डम्परों की नंबर प्लेटों को जानबूझकर मिट्टी से ढककर चलाया जा रहा है, जिससे किसी हादसे की स्थिति में इन बेकाबू वाहनों की पहचान करना नामुमकिन हो गया है.

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ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Dumper Number Plate: ठाकुरगंज प्रक्षेत्र से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर इन दिनों ओवरलोड और तेज रफ्तार डम्पर चालकों का आतंक बना हुआ है. प्रशासनिक निगरानी के अभाव का फायदा उठाकर मिट्टी और पत्थरों की ढुलाई में लगे कई डम्परों की नंबर प्लेट को जानबूझकर या लापरवाही के कारण मोटी मिट्टी से पाट दिया गया है. इसके चलते सड़क पर दौड़ते इन भारी वाहनों का आधिकारिक पंजीकरण नंबर (Registration Number) पढ़ पाना पूरी तरह असंभव हो गया है. इस गंभीर लापरवाही से यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि आखिर खनन और ढुलाई के इस खेल में वाहनों की असली पहचान छिपाने की कड़ियां किससे जुड़ी हैं.

हादसों के बाद पहचान करना बड़ी चुनौती; सड़क सुरक्षा ताक पर

राजमार्ग पर बेखौफ दौड़ रहे इन डम्परों से स्थानीय राहगीरों और छोटे वाहन चालकों में गहरा रोष व्याप्त है:

सड़क सुरक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि ओवरलोडेड डम्परों की रफ्तार हाईवे पर पहले ही जानलेवा बनी हुई है. ऐसे में अगर कोई डम्पर किसी राहगीर को कुचलकर भाग जाता है, तो नंबर प्लेट पर जमी मोटी मिट्टी के कारण प्रत्यक्षदर्शी या पुलिस सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी गाड़ी का पता नहीं लगा पाएगी. स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस की प्रभावी गश्त न होने के कारण इन वाहन स्वामियों के हौसले बुलंद हैं और वे सरेआम कानून की कड़ियों को ठेंगा दिखा रहे हैं.

परिवहन विभाग से विशेष जांच अभियान चलाने की मांग

“बिना नंबर प्लेट या छिपी हुई पहचान के साथ हाईवे पर भारी व्यावसायिक वाहन चलाना एक गंभीर अपराध है. प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना इन बेलगाम डम्परों पर तत्काल कानूनी हंटर चलाना चाहिए.”

मामले की गंभीरता को देखते हुए ठाकुरगंज के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और स्थानीय पुलिस प्रशासन से विशेष चेकिंग अभियान चलाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि हाईवे के मुख्य मोड़ों और चेकपोस्टों पर ऐसे संदिग्ध डम्परों को रोककर न सिर्फ उनका चालान काटा जाना चाहिए, बल्कि पहचान छिपाकर वाहन चलाने के जुर्म में गाड़ियों को सीधे जब्त कर मालिकों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जानी चाहिए ताकि सड़क सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके.

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Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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