ठाकुरगंज
ठाकुरगंज प्रखंड में किसानों के लिए फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) बनवाने का अभियान शुरू हो गया है. अंचल कर्मियों के द्वारा बनाया जा रहा फ़ार्मर आईडी केंद्र सरकार की ””एग्री स्टैक”” पहल के तहत एक विशिष्ट डिजिटल पहचान पत्र है, जिसे किसानों को सभी सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से प्रदान करने के लिए अनिवार्य किया गया है. बताते चले बिना फार्मर आईडी के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा. इस मामले में अंचलाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने बताया की जो किसान समय पर अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाएंगे, उनका नाम लाभुक सूची से हटा दिया जाएगा. इसीलिए पंचायत वार कैंप लगाकर यह कार्य किया जा रहा है.फार्मर आईडी के बिना नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभप्रखंड कृषि पदाधिकारी अनुज कुमार ने बताया कि योजनाओं का लाभ लगातार प्राप्त करने के लिए फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य है. उन्होंने किसानों से अपने क्षेत्र के राजस्व हल्का कर्मचारी, किसान सलाहकार या कृषि समन्वयक से संपर्क कर जानकारी लेने की अपील की है. यह अभियान प्रखंड के सभी राजस्व गांवों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है.
किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करने की पहल
अंचलाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने गुरुवार को बताया कि यह पूरी प्रक्रिया कृषि विभाग और भूमि सुधार विभाग के संयुक्त प्रयास से की जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य वास्तविक किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. उन्होंने आगे कहा कि फार्मर रजिस्ट्री राज्य सरकार की एक प्राथमिकता वाली योजना है. इसका लक्ष्य किसानों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ना, कृषि सेवाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाना तथा किसानों का सटीक डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है. उन्होंने बताया की फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसानों को आधार कार्ड, भूमि से संबंधित दस्तावेज (जैसे खाता-खेसरा) और एक सक्रिय मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना होगा. अंचलाधिकारी ने किसानों से जल्द से जल्द आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीकरण कराकर अपनी पात्रता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

