समय पर इलाज कराने से मरीज होंगे पूरी तरह स्वस्थ

भारत 2025 तक टीबी मुक्त होने का संकल्प लिए आगे बढ़ रहा है
किशनगंज भारत 2025 तक टीबी मुक्त होने का संकल्प लिए आगे बढ़ रहा है. जिले में आज का दिन इस दिशा में खास रहा जब रूईधासा नशा मुक्ति केंद्र में विशेष टीबी स्क्रीनिंग हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया. नशे की लत और टीबी-दोनों ही समाज के लिए बड़ी चुनौती हैं. जब इन्हें साथ जोड़कर रोकथाम का प्रयास होता है, तो यह संदेश जाता है कि बीमारी से लड़ने के साथ-साथ जीवन को नई राह देने की जिम्मेदारी भी हमारी है.
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि शिविर में स्वास्थ्य टीम ने लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की और टीबी जांच के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य परीक्षण भी किए. शिविर में आए कई लोगों को स्वास्थ्य व्यवहार अपनाने की सलाह दी गई और रोग से बचाव की जानकारी दी गई. नशा मुक्ति केंद्रों में स्क्रीनिंग से छिपे हुए मरीजों की पहचान होती है और उन्हें निःशुल्क उपचार से जोड़ा जाता है. समय पर इलाज से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं.कम्युनिटी डिज़ीज़ ऑफ़िसर डॉ मंजर आलम ने कहा नशे से मुक्त जीवन और टीबी से मुक्त समाज – यही असली स्वास्थ्य है. जब नशा मुक्ति केंद्र में स्क्रीनिंग होती है, तो हम एक साथ दो लड़ाइयां लड़ते हैं.
जागरूकता और समय पर उपचार ही सबसे बड़ा हथियार
जिला यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी डॉ मंजर आलम ने बताया कि शिविर में लोगों को बताया गया कि अगर किसी को तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी रहती है, तो तुरंत जांच करानी चाहिए. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि टीबी की दवा बीच में छोड़ना खतरनाक है, क्योंकि अधूरा इलाज बीमारी को और गंभीर बना देता है.
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