ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर डिजिटल कोच डिस्प्ले सिस्टम शुरू: प्लेटफॉर्म पर खत्म होगी भागदौड़

ठाकुरगंज स्टेशन पर चालू कोच डिस्प्ले सिस्टम | Prabhat Khabar Network
Thakurganj Railway Station Coach Display System: ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर अब यात्रियों को ट्रेन के डिब्बों की सटीक जानकारी डिजिटल डिस्प्ले पर मिलेगी. यह नई सुविधा लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाएगी.
Thakurganj Railway Station Coach Display System: किशनगंज जिले के अंतर्गत सीमांचल के एक प्रमुख रेल केंद्र, ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन ने यात्री सुख-सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है. स्थानीय रेल यात्रियों की वर्षों पुरानी और बेहद जायज मांग को पूरा करते हुए रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर डिजिटल कोच डिस्प्ले सिस्टम (Coach Guidance Display System) को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है. इस नई अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था के शुरू होने से ठाकुरगंज स्टेशन भी अब पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के उन चुनिंदा मॉडर्न स्टेशनों की लीग में शामिल हो गया है, जहां यात्रियों को अपनी ट्रेन की बोगियों की सटीक स्थिति की जानकारी डिजिटल माध्यम से पहले ही मिल जाती है.
प्लेटफॉर्म पर अब नहीं लगानी पड़ेगी दौड़
अक्सर देखा जाता है कि लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के प्लेटफॉर्म पर आते ही यात्रियों में अपने निर्धारित डिब्बे को खोजने के लिए अफरा-तफरी मच जाती है. नई डिजिटल प्रणाली इस समस्या को पूरी तरह खत्म कर देगी:
- सटीक इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले: अब कोई भी ट्रेन प्लेटफॉर्म पर इन (प्रवेश) करने से पहले ही वहां लगे इलेक्ट्रॉनिक एलईडी डिस्प्ले बोर्ड्स पर यह साफ-साफ प्रदर्शित होने लगेगा कि ट्रेन का कौन सा कोच प्लेटफॉर्म के किस हिस्से में आकर रुकेगा.
- बोगियों की अग्रिम जानकारी: यात्री ट्रेन के आने से पहले ही यह जान सकेंगे कि S-1, S-2 (स्लीपर), एसी (AC), जनरल (General) और एसएलआर (SLR/गार्ड बोगी) की पोजीशन प्लेटफॉर्म पर कहां रहने वाली है, जिससे वे अपने निर्धारित स्थान पर शांति से खड़े रह सकेंगे.
रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन से हर दिन हजारों की संख्या में मुसाफिर बिहार के अन्य जिलों सहित पड़ोसी राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, असम और पूरे पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) के राज्यों के लिए एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों में सवार होते हैं.
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा और सीधा लाभ बुजुर्गों, महिला यात्रियों, छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों और विशेष रूप से दिव्यांग (Physically Challenged) भाई-बहनों को मिलेगा. ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रुकते ही चढ़ने की जो आपाधापी मचती थी, उसमें भारी कमी आएगी और दुर्घटनाओं का अंदेशा भी कम होगा.
Thakurganj Railway Station Coach Display System: सीमांचल के रेल मानचित्र पर ठाकुरगंज की नई पहचान
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और दैनिक रेल यात्रियों ने रेल मंत्रालय की इस पहल का पुरजोर स्वागत किया है. यात्रियों का कहना है कि अंतिम समय में भारी सामान के साथ प्लेटफॉर्म के एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ने की मजबूरी अब इतिहास बन जाएगी. यात्रा अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, सरल और व्यवस्थित होगी.
डिजिटल सूचना प्रणाली, आधुनिक एलईडी लाइट्स और अब कोच गाइडेंस डिस्प्ले की इस नई कमान के साथ, ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन अब सीमांचल के रेल मानचित्र पर केवल एक सामान्य स्टॉपेज नहीं रह गया है. यह स्टेशन अब हर आधुनिक यात्री सुख-सुविधा से लैस एक तेजी से विकसित होते और चमकते रेलवे स्टेशन के रूप में अपनी एक नई और मजबूत पहचान दर्ज करा रहा है.
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लेखक के बारे में
By बच्छराज
बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.
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