किशनगंज में एसएसबी ने दो भैंस जब्त की, किसान ने पुलिस से लगाई मवेशी छोड़ने की गुहार

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Kishanganj News भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की कार्रवाई के बाद ठाकुरगंज के एक किसान की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दो भैंस जब्त होने के बाद अब किसान पुलिस से अपने मवेशी वापस दिलाने की गुहार लगा रहा है.

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Kishanganj News: पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट. ठाकुरगंज प्रखंड के जियापोखर थाना क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गिल्हाबाड़ी एसएसबी कैंप के जवानों ने दो मवेशियों को जब्त कर पुलिस के हवाले कर दिया. इस दौरान एक युवक को भी हिरासत में लिया गया था, जिसे बाद में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद छोड़ दिया गया. अब मवेशियों के स्वामी जान मोहम्मद ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर मवेशियों को मुक्त करने की मांग की है.

खेत से लौटते समय हुई कार्रवाई

किसान जान मोहम्मद का कहना है कि 15 मई की शाम वह अपने मवेशियों को खेत में चारा खिलाकर घर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान गिल्हाबाड़ी एसएसबी कैंप के जवानों ने उनके मवेशियों को अपने कब्जे में ले लिया. साथ ही गांव के युवक अहमद हुसैन को हिरासत में लेकर जियापोखर थाना के सुपुर्द कर दिया गया.

एसएसबी ने लगाया क्रूरता का आरोप

जियापोखर थाना अध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि एसएसबी जवानों ने रात्रि गश्त के दौरान सीमा क्षेत्र के पीलर संख्या 122 के पास युवक को मवेशियों के साथ संदिग्ध स्थिति में पकड़ा था. पुलिस के अनुसार मवेशियों को कथित रूप से मारते-पीटते हुए ले जाया जा रहा था, जिसके बाद एसएसबी ने कार्रवाई करते हुए दोनों भैंसों को जब्त कर लिया.

किसान ने पुलिस से लगाई गुहार

मवेशियों के मालिक ने थाना अध्यक्ष को आवेदन देकर कहा है कि वह एक गरीब किसान हैं और उनके मवेशियों को गलतफहमी में जब्त कर लिया गया है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर मवेशियों को वापस दिलाने की मांग की है.

कोर्ट के आदेश के बाद होगी रिहाई

पुलिस का कहना है कि जब्त मवेशियों को फिलहाल कानूनी प्रक्रिया के तहत रखा गया है और अब न्यायालय के आदेश के बाद ही उन्हें छोड़ा जा सकेगा. मामले को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है.

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प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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