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कंगारू मदर केयर शिशुओं के लिए वरदान: डा उर्मिला

Updated at : 04 Aug 2025 6:49 PM (IST)
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कंगारू मदर केयर  शिशुओं के लिए वरदान: डा उर्मिला

-मां के सीने से लगने पर मिलती है ऊर्जा और सुरक्षा, मानसिक व शारीरिक विकास में मददगार

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-मां के सीने से लगने पर मिलती है ऊर्जा और सुरक्षा, मानसिक व शारीरिक विकास में मददगार

किशनगंज

समय से पूर्व जन्म लेने वाले (प्रीमैच्योर) शिशु का अक्सर कम वजन और कमजोर स्वास्थ्य रहता है. ऐसे नन्हें शिशुओं को विशेष ध्यान की आवश्यकता होती है. कंगारू मदर केयर (केएमसी) एक ऐसी सरल और प्राकृतिक तकनीक है जो बिना किसी खर्च के शिशु को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने में सहायक है. मां या परिवार का कोई भी स्वस्थ सदस्य शिशु को सीने से लगाकर उसके शरीर को गर्माहट प्रदान कर सकता है. यह न केवल बच्चे के तापमान को नियंत्रित करता है, बल्कि मां-बच्चे के बीच भावनात्मक संबंध को भी मजबूत करता है.

गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ उर्मिला कुमारी बताती हैं कि कंगारू मदर केयर प्रीमैच्योर शिशुओं के लिए वरदान है. जब शिशु अपनी मां के सीने से चिपकता है तो मां की धड़कन सुनकर वह सुरक्षित महसूस करता है. यह उपाय बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास में मददगार है .

क्या है कंगारू मदर केयर और इसे कैसे अपनाएं

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी के अनुसार केएमसी में मां या कोई भी स्वस्थ व्यक्ति शिशु को सीने से लगाकर सीधी पोजीशन में रखता है. इस दौरान मां की छाती खुली होनी चाहिए, ताकि शिशु को गर्माहट मिल सके. इससे बच्चे का वजन बढ़ता है, स्तनपान बेहतर होता है और संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता है. उन्होंने बताया कि पिता या परिवार के अन्य सदस्य भी यह तकनीक अपना सकते हैं, बशर्ते वे पूरी तरह स्वस्थ हों.

डॉ. चौधरी बताते हैं कि जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम, आशा, केयर इंडिया व अन्य स्वास्थ्यकर्मी नवजात के परिजनों को कंगारू मदर केयर की जानकारी देते हैं. साथ ही घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की नियमित जांच व मॉनिटरिंग भी की जाती है ताकि समय रहते उचित इलाज मिल सके.

सदर अस्पताल की महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शबनम यास्मीन कहती हैं कि प्रीमैच्योर और कमजोर शिशुओं में हाइपोथर्मिया यानी शरीर का तापमान गिरने का खतरा ज्यादा होता है.

इन बातों का रखें ध्यान

-शिशु को हमेशा साफ हाथों से ही छुएं.

-यदि मां बुखार या संक्रमण से पीड़ित हो तो अन्य स्वस्थ सदस्य केएमसी दें.

-शिशु के हाथ-पैर और पीठ को हल्के व साफ कपड़े से ढकें.

-प्रतिदिन कम से कम एक घंटे कंगारू मदर केयर अवश्य दें. कंगारू मदर केयर न सिर्फ प्रीमैच्योर शिशुओं की जान बचाने में सहायक है, बल्कि यह एक भावनात्मक और प्राकृतिक प्रक्रिया है जो माँ और बच्चे के रिश्ते को और गहरा बनाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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