दो कमरों के भरोसे 287 छात्र, पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर
Published by : AWADHESH KUMAR Updated At : 22 Apr 2026 9:22 PM
दो कमरों के भरोसे 287 छात्र, पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर
40 प्रतिशत आदिवासी बच्चे व 60 प्रतिशत बालिकाओं का भविष्य अधर में, ग्रामीण नाराज
पहाड़कट्टा. पोठिया प्रखंड मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलगच्छी के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. विद्यालय में मात्र दो कमरे उपलब्ध हैं, जबकि यहां कक्षा एक से आठवीं तक की पढ़ाई संचालित होती है. कुल नामांकित छात्रों की संख्या 287 है, जिनके लिए केवल चार शिक्षक पदस्थापित हैं.विद्यालय भवन की कमी के कारण न तो बच्चों को पढ़ाई का अनुकूल माहौल मिल पाता है. न ही शिक्षक बेहतर तरीके से अध्यापन करा पा रहे हैं. पर्याप्त कमरे नहीं होने व कड़ी धूप व गर्मी के कारण बच्चों को अक्सर पेड़ के नीचे या बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जाता है. बरसात के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे पठन-पाठन पूरी तरह बाधित हो जाता है.
शिक्षकों की मेहनत व संसाधनों का अभाव
ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानाध्यापक बिनोद कुमार टुडू सहित चार कर्मठ शिक्षकों की कड़ी मेहनत की वजह से विद्यालय में प्रतिदिन बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति रहती है. शिक्षकों का कहना है कि वर्ग कक्ष की कमी के कारण एक साथ कई वर्गों के बच्चों को एक ही कमरे में बैठाना पड़ता है. उसी सीमित जगह में बच्चे मध्याह्न भोजन भी करते हैं, जिससे अव्यवस्था फैलती है. बरामदे की जगह भी बच्चों की संख्या के अनुपात में काफी कम पड़ रही है.
प्रशासन से अतिरिक्त कमरों की मांग
पोषक क्षेत्र के अभिभावकों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि उनके बच्चे आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. ग्रामीणों ने कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी.
ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी विशाल राज से मांग की है कि विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्ष का निर्माण जल्द कराया जाए. उल्लेखनीय है कि इस विद्यालय में 40 प्रतिशत बच्चे अनुसूचित जनजाति समुदाय से हैं और कुल नामांकन में 60 प्रतिशत संख्या बालिकाओं की है. यदि समय रहते अतिरिक्त कमरों का निर्माण नहीं हुआ, तो इन बच्चों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो सकता है. इस दिशा में प्रशासन से एक नयी और सकारात्मक पहल की उम्मीद की जा रही है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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