सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब एनजीओ के भरोसे, नहीं मिल रहा सही मार्गदर्शन

Published by :AWADHESH KUMAR
Published at :18 Apr 2026 8:16 PM (IST)
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सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब एनजीओ के भरोसे, नहीं मिल रहा सही मार्गदर्शन

सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्थापित आईसीटी लैब की जमीनी हकीकत अब गंभीर सवालों के घेरे में है

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-एनजीओ इंस्ट्रक्टर के भरोसे व्यवस्था ठाकुरगंज सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्थापित आईसीटी लैब की जमीनी हकीकत अब गंभीर सवालों के घेरे में है. लाखों रुपये खर्च कर बनाये गये इन लैबों में न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही स्थायी व प्रशिक्षित कंप्यूटर शिक्षक. परिणामस्वरूप पूरी व्यवस्था एनजीओ के द्वारा बहाल इंस्ट्रक्टर के भरोसे चल रही है. शुक्रवार को उत्क्रमित उच्च विद्यालय लोधा के आईसीटी लैब में एक-एक कंप्यूटर पर दो से पांच बच्चे बैठे दिखे. मिली जानकारी के अनुसार ज्यादातर ग्रुप में बच्चे कंप्यूटर पर कार्टून बनाते दिखे. डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खुली आईसीटी लैब बच्चों के मनोरंजन का साधन बनती दिखी. बताते चले प्रखंड के कई स्कुलो में नियमित कंप्यूटर शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई है. इसके स्थान पर आउटसोर्स व्यवस्था के तहत एनजीओ इंस्ट्रक्टर लगाए गए हैं, जिनकी जवाबदेही तय नहीं है. जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संभव नहीं हो पा रहा. जानकारों का मानना है कि आईसीटी लैब जैसी महत्वपूर्ण पहल को अस्थायी व्यवस्था के भरोसे छोड़ना शिक्षा प्रणाली की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है. यदि छात्रों को सही मार्गदर्शन और पर्याप्त संसाधन नहीं मिलेंगे, तो यह पूरी योजना केवल कागजों और फोटो तक सीमित रह जाएगी. लोगों ने मांग की है कि नियमित और प्रशिक्षित कंप्यूटर शिक्षक की नियुक्ति स्कुलो में हो. आईसीटी लैब की नियमित मॉनिटरिंग और मूल्यांकन किया जाए.

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