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जिले में हरितालिका तीज आज, तैयारी पूरी

Updated at : 05 Sep 2024 8:24 PM (IST)
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जिले में हरितालिका तीज आज, तैयारी पूरी

सुहागिनों के महापर्व हरितालिका तीज की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है. आज श्रद्धा के साथ पूरे जिले में सुहागिनें इस पर्व पर उपवास रखकर पूजा अर्चना करेगी.

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किशनगंज.सुहागिनों के महापर्व हरितालिका तीज की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है. आज श्रद्धा के साथ पूरे जिले में सुहागिनें इस पर्व पर उपवास रखकर पूजा अर्चना करेगी. तीज को लेकर शनिवार को बाजार में खरीदारी को लेकर महिलाओं की खासी भीड़ दिखी. पूजा सामग्री वाले दुकानों पर तो तिल रखने की जगह नहीं थी. नारी के सौभाग्य की रक्षा करने वाले इस व्रत को सौभाग्यवती स्त्रियां अपने अक्षय सौभाग्य और सुख की लालसा हेतु श्रद्धा, लगन और विश्वास के साथ करती हैं. शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए मां पार्वती ने इस व्रत को रखा था, इस दिन सौभाग्यवती स्त्रियां नए लाल वस्त्र पहनकर, मेंहदी लगाकर, श्रृंगार करती है और शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और मां पार्वती जी की पूजा करती हैं. इस पूजा में शिव-पार्वती की मूíतयों का विधिवत पूजन किया जाता है और फिर हरितालिका तीज की कथा सुनी जाती है. माता पार्वती पर सुहाग का सारा सामान चढ़ाया जाता है. कहा जाता है कि हरितालिका व्रत विधि पूर्वक करने वाली महिलाओं के सौभाग्य की रक्षा स्वयं शिव करते हैं. ———————————- ग्रामीण क्षेत्र में हरितालिका तीज को ले महिलाओं ने की पूजन व श्रृंगार सामग्री की जमकर खरीददारी प्रतिनिधि, पौआखाली सुहागिन महिलाओं का पर्व तीज आज पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की आज तृतीया तिथि है और आज के इस पावन दिन में सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग (पति) के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना लिए तो वहीं कुंवारी कन्याएं एक अच्छे और सुंदर वर पाने की मनोकामना लिए तीज का व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा आराधना कर रहे हैं. सुहागिन महिलाएं नये कपड़े और सौलह श्रृंगार की वस्तुओं से सुसज्जित होकर तीज के लोक पारंपरिक गीत और नृत्य में झूमकर हर्षोल्लास पूर्वक तीज का पर्व मना रही हैं. कल यानी शनिवार को व्रती नहाने के बाद पूजापाठ उपरांत अन्न और जल ग्रहण कर व्रत का पारण करेंगी. तीज को लेकर मंदिरों में आज काफी चहल पहल है. पौआखाली नगर के मिलन मंदिर प्रांगण में बाबा भोलेनाथ, सार्वजनिक दुर्गा मंदिर, सार्वजनिक काली मंदिर, बाभन मंदिर के अलावे जहां भी वटवृक्ष या फिर पीपल पेड़ हैं वहां व्रतियों के द्वारा धूमधाम से पूजा का अनुष्ठान संपन्न किया जा रहा है. कठोर व्रत का पालन करते हुए पतिव्रता नारी खुशी खुशी इस पर्व को निभाती है. तीज का पर्व धार्मिक आस्था, भावनाओं और विश्वास के साथ ही साथ भारतीय परंपरा एवम सभ्यता संस्कृति की खूबसूरती को भी दर्शाता है. यही वजह है कि यहां बड़े बड़े पर्व त्योहारों के साथ ही छोटे छोटे पर्व त्योहार को भी हमलोग बड़े ही उत्साह के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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