ऑनलाइन सिस्टम से बढ़ा साइबर कैफे नेटवर्क, छात्रों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

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ठाकुरगंज. 11वीं नामांकन की ऑनलाइन व्यवस्था जहां डिजिटल सुविधा का दावा करती है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है. पड़ताल में सामने आया कि बड़ी संख्या में छात्र खुद आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं. स्मार्टफोन की कमी, कमजोर इंटरनेट व तकनीकी जानकारी के अभाव के कारण उन्हें साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ रहा है. जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कई साइबर कैफे 11वीं नामांकन फॉर्म भरने के लिए 100 से 300 रुपये तक वसूल रहे हैं. इतना ही नहीं, फॉर्म में सुधार के नाम पर अलग से शुल्क लिया जा रहा है. अभिभावक संजीव सिंह ने बताया कि सर्वर की समस्या व भीड़ के कारण उन्हें दो बार कैफे जाना पड़ा व करीब 200 रुपये खर्च करने पड़े. छात्रों का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया जटिल है. छोटी सी गलती होने पर फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है. उसे सुधारने के लिए फिर से कैफे जाना पड़ता है, जिससे हर बार अतिरिक्त पैसा खर्च होता है. उनका यह भी कहना है कि स्कूलों में इस प्रक्रिया को लेकर कोई सहायता नहीं मिलती, सब कुछ पूरी तरह ऑनलाइन छोड़ दिया गया है. इस व्यवस्था में स्कूलों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. अधिकांश स्कूलों में न तो हेल्प डेस्क है. न ही तकनीकी मार्गदर्शन, जबकि सरकार की ओर से कंप्यूटर सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. अगर स्कूल स्तर पर ही आवेदन की सुविधा दी जाती, तो छात्रों को बाहर भटकने व अतिरिक्त खर्च से बचाया जा सकता था. कुल मिलाकर, पारदर्शिता व सुविधा के उद्देश्य से शुरू की गयी ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया अब कई जगह अव्यवस्था का रूप लेती दिख रही है. संसाधन संपन्न छात्रों के लिए यह आसान है, लेकिन गरीब व ग्रामीण छात्रों के लिए यह एक तरह से भुगतान आधारित प्रवेश जैसा अनुभव बन चुका है. जब तक स्कूलों में सहायता केंद्र नहीं बनते, साइबर कैफे की फीस नियंत्रित नहीं होती व छात्रों को डिजिटल रूप से सक्षम नहीं किया जाता, तब तक यह व्यवस्था सुविधा से ज्यादा मजबूरी का कारोबार ही बनी रहेगी.

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अवधेश कुमार

लेखक के बारे में

By अवधेश कुमार

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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