टेढ़ागाछ में मुख्य सड़क पर नदी के कटाव का संकट: डोरिया-टेढ़ागाछ मार्ग का वजूद खतरे में

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सड़क किनारे कटाव | Prabhat Khabar Network

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टेढ़ागाछ प्रखंड की धवेली पंचायत अंतर्गत डोरिया गांव से टेढ़ागाछ जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों नदी के तेज कटाव की जद में है. यह सड़क हजारों लोगों के लिए जीवन रेखा है और इसके नदी में समा जाने का खतरा मंडरा रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षात्मक कदम उठाने की मांग की है.

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टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र की धवेली पंचायत अंतर्गत डोरिया गांव से टेढ़ागाछ जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों नदी के तेज कटाव की जद में है. नदी की तेज धारा सड़क के किनारों को लगातार काट रही है, जिससे मार्ग का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हो चुका है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय रहते सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह महत्वपूर्ण सड़क पूरी तरह नदी में समा जाएगी और इलाके का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से हमेशा के लिए कट जाएगा.

हजारों की आबादी की लाइफलाइन है यह सड़क, मंडरा रहा है टापु बनने का खतरा

डोरिया-टेढ़ागाछ मुख्य मार्ग धवेली पंचायत सहित आसपास के दर्जनों गांवों के लिए एक लाइफलाइन (जीवन रेखा) की तरह है. प्रतिदिन इसी रास्ते से होकर:

  • छात्र और मरीज: सैकड़ों विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए और गंभीर मरीज इलाज के लिए प्रखंड मुख्यालय स्थित अस्पतालों में जाते हैं.
  • किसान और व्यवसायी: स्थानीय किसान और दूध व्यवसायी अपनी फसलों और उत्पादों को मुख्य बाजार तक पहुंचाने के लिए इसी मार्ग पर निर्भर हैं.

सड़क के क्षतिग्रस्त या ध्वस्त होने की स्थिति में हजारों की आबादी को आवागमन में भारी फजीहत झेलनी पड़ेगी और आपातकालीन स्थितियों में एम्बुलेंस या अन्य वाहनों का गांव तक पहुंचना नामुमकिन हो जाएगा.

बरसात में बढ़ी कटाव की रफ्तार, विभागीय उदासीनता से फूटा गुस्सा

स्थानीय निवासियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि हर साल बरसात के मौसम में नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही यहां कटाव की रफ्तार अत्यधिक तेज हो जाती है. इस वर्ष भी स्थिति लगातार बिगड़ रही है, लेकिन अब तक संबंधित विभाग या स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से सुरक्षा के कोई पुख्ता या अस्थाई इंतजाम नहीं किए गए हैं. प्रशासन की इस सुस्ती को लेकर धवेली और डोरिया गांव के लोगों में गहरा रोष है.

ग्रामीणों ने एकजुट होकर की बोल्डर पिचिंग और कटाव-रोधी कार्य की मांग

खतरे की घंटी बजते देख डोरिया गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अविलंब गुहार लगाई है.

नदी लगातार सड़क की नींव को खोखला कर रही है. हम सरकार और विभाग से मांग करते हैं कि अधिकारी तुरंत यहां आकर स्थलीय निरीक्षण करें और युद्धस्तर पर सैंड बैग (बालू की बोरियां) डालने या बोल्डर पिचिंग का कटाव-रोधी कार्य शुरू करवाएं. अगर अभी ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरी सड़क ध्वस्त हो जाएगी और हम अपने ही घरों में कैद होकर रह जाएंगे.


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गौरव कुमार

लेखक के बारे में

By गौरव कुमार

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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