उपस्वास्थ्य केंद्र को इलाज की दरकार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Aug 2016 7:53 AM (IST)
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समस्या . देखरेख के अभाव में स्वास्थ्य केंद्र का भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है दिघलबैंक का पश्चिमी क्षेत्र आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं के दृष्टिकोण से निचले पायदान पर ही है. एक ओर चिकित्सा के क्षेत्र में जहां निरंतर नये खोज किये जा रहे हैं. वहीं यह क्षेत्र के लिए एक अदद स्वास्थ्य […]
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समस्या . देखरेख के अभाव में स्वास्थ्य केंद्र का भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है
दिघलबैंक का पश्चिमी क्षेत्र आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं के दृष्टिकोण से निचले पायदान पर ही है. एक ओर चिकित्सा के क्षेत्र में जहां निरंतर नये खोज किये जा रहे हैं. वहीं यह क्षेत्र के लिए एक अदद स्वास्थ्य के केंद्र के लिए भी तरस रहे है.
दिघलबैंक : प्रखंड के पश्चिमी छोड़ पर अवस्थित लोहागाड़ा पंचायत के तालगाछ गांव में दो दशक पूर्व एक स्वास्थ्य उपकेंद्र की स्थापना सुदूरवर्ती ग्रामीणों के इलाज के लिए की गयी थी़ ताकि यहां के गरीब और बीमार लोगों को प्रखंड मुख्यालय या जिला मुख्यालय इलाज हेतु न जाना पड़े़ इसी मंशा से लाखों रूपये खर्च कर बनाये गये तालगाछ उपस्वास्थ्य केंद्र सुसज्जित होने के बजाय उजड़ने लगा है़ स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन की खिड़कियां टूटी पड़ी है और दरवाजे गायब है़
इतना ही नहीं कक्ष आस पास के लोगों के लिए शौचालय बन गया है़ भवन की छत पर घास उग आयी है़ लोगों को स्वस्थ करने वाला यह स्वास्थ्य उपकेंद्र खुद बीमार है़ यहां एक मात्र नर्स की पदस्थापना की गयी है लेकिन वह भी केंद्र की हालत देख कर यहां नहीं आती़ हालांकि निर्माण काल में चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की भी पदस्थापना की गयी थी़ वर्तमान में अब तो जर्जर भवन गिरने की कगार पर है़ वहीं ग्रामीणों ने केंद्र में डॉक्टरों की तैनाती के लिए कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगायी़ मगर आज तक इस ओर किसी का ध्यान तक नहीं गया़ प्रखंड में दर्जनों उपस्वास्थ्य केंद्र है जो दूसरों का उपचार करने के बदले अपने इलाज को ही तरस रहे है़
क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीण विश्व मोहन यादव ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र महज एक शोभा की वस्तु बन कर रह गया है़ यहां के अधिकांश लोग गरीब व अशिक्षित है़ इसलिए इनकी कोई नहीं सुनता है़ पूर्व मुखिया व समाजसेवी शंकर आनंद सिंह बताते है कि तालगाछ उपस्वास्थ्य केंद्र दिघलबैंक पश्चिमी क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन दायनी साबित होता लेकिन यह कुव्यवथा का शिकार हो गया. स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण भवन भी खंडहर हो गया है़
गौरी शंकर सिंह कहते है कि मरीजों के इलाज के उद्देश्य से बनाये गये उपस्वास्थ्य केंद्र खुद निर्माण काल से बीमार है़ उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक व अन्य कर्मियों की पदस्थापना शीघ्र हो ताकि यहां के लोगों को इलाज के लिए भटकना ना पड़े़.उपस्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मी के नहीं रहने के कारण यह केंद्र मृत प्राय हो गया है़ केशव कुमार ने बताया कि चिकित्सक नहीं रहने के कारण लोगों को स्थानीय निजी चिकित्सक की शरण में जाना पड़ता है़ ओम प्रकाश यादव ने बताया कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य पर करोड़ों रूपये पानी कर तरह बहाया जा रहा है़ लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में लोगों का इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है़.
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