डॉक्टर्स ने एनएमसी के खिलाफ बंद रखी ओपीडी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Jan 2018 4:03 AM (IST)
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विरोध. आइएमए ने दी संघर्ष की चेतावनी नेशनल मेडिकल कमीशन गठित करने के खिलाफ आइएमए ने मंगलवार को ओपीडी बंद रख कर विरोध जताया. किशनगंज : मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) गठित करने के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने मंगलवार को ओपीडी बंद रखकर विरोध किया. संघ ने एनएमसी बिल […]
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विरोध. आइएमए ने दी संघर्ष की चेतावनी
नेशनल मेडिकल कमीशन गठित करने के खिलाफ आइएमए ने मंगलवार को ओपीडी बंद रख कर विरोध जताया.
किशनगंज : मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) गठित करने के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने मंगलवार को ओपीडी बंद रखकर विरोध किया. संघ ने एनएमसी बिल के खिलाफ लंबा संघर्ष करने की चेतावनी दी. आइएमए के आह्वान पर निजी अस्पतालों के डॉक्टर्स ने काम बंद रखा तो एमजीएम मेडिकल कॉलेज और सदर अस्पताल में अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा मरीज आये. इससे काम बंद रखने का ज्यादा प्रभाव सामने नहीं आया, लेकिन सामान्य मरीजों को परेशानी हुई.
आइएमए की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष डा विजय कुमार और सचिव डा मनीष कुमार ने बताया कि सरकार मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया की जगह नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल ला रही है. उसका आइएमए ने विरोध करने का निर्णय लिया है. केंद्र सरकार इसके बावजूद भी अपनी नीतियों में सुधार नहीं करती है, तो भविष्य में निश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश हो जायेंगे. कहा कि केंद्र सरकार एक तरफ एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को प्रैक्टिस करने के लिए परीक्षा पास करना अनिवार्य कर रही है.
वहीं दूसरी ओर आयुर्वेद और होमियोपैथी की पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को बिना परीक्षा के ही एलोपैथ की दवा लिखने का इजाजत दे रही है. यह केंद्र की दोहरी नीति है. सरकारी की ऐसी नीतियों का आइएमए विरोध जारी रखेगा. वहीं सदर हस्पिटल और एमजीएम मेडिकल कलेज मे रोज की तरह ओपीडी में डक्टरो ने मरीजों को देखा. निजी क्लिनिक बंद रहने की वजह से ओपिडी मे मरीजों की काफी लंबी कतारें देखी गयी.
बिल से क्या होगा बदलाव
इस बिल में अल्टरनेटिव मेडिसिन (होम्योपैथी, आयुर्वेद, यूनानी) की प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों के लिए एक ब्रिज कोर्स का प्रपोजल है. इसे करने के बाद वे मॉडर्न मेडिसिन की प्रैक्टिस भी कर सकेंगे. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के आह्वान पर मंगलवार को जिले के डॉक्टर हड़ताल पर चले गये थे. लेकिन दोपहर बाद डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली और काम पर लौट आए. हड़ताल की वजह से सुबह से दोपहर तक चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह ठप रही जिससे मरीजों को काफी परेशानी हुई.
नर्सिंग होम में भी डॉक्टरों के चैंबर रहे खाली
शहर के अधिकांश नर्सिंग होम में भी सन्नाटा रहा. यहां डॉक्टरों के चेंबर खाली रहे. नर्सिंग होम में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि सुबह से ही मरीजों की भीड़ आती रही. लेकिन सबको डॉक्टरों की हड़ताल की बात बता कर वापस कर दिया गया.
जानें, क्यों हड़ताल पर रहे डॉक्टर
सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को रद्द कर नेशनल मेडिकल काउंसिल बनाने का ऐलान किया है. डॉक्टर का विरोध कर रहे हैं.
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