सुनवाई के नाम पर सीओ नहीं कर रहे ससमय दाखिल - खारिज आवेदनों का निष्पादन

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 03 Nov 2024 11:48 PM

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ससमय दाखिल - खारिज आवेदनों का निष्पादन

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सीओ के लॉगिन में पेंडिंग है कई मौजा के किसानों के आवेदन, विभागीय आदेश हो रहा तार-तार

डीएम के आदेश के बाद भी 15 दिनों में पेंडिंग आवेदनों का नहीं हुआ निष्पादन

खगड़िया

अंचल कार्यालय के बाबुओं पर डीएम अमित कुमार पाण्डेय के आदेश का कोई असर होता नहीं दिख रहा है. आदेश के बावजूद सीओ बजेश कुमार पाटिल ने 75 दिनों से अधिक समय लंबित दाखिल-खारिज आवेदन का निष्पादन नहीं किया. जानकारी के मुताबिक अंचल स्थित ओलापुर,गंगौर ,जलकौड़ा , मथुरापुर , जहांगीरा ,सन्हौली , कोठिया , कासिमपुर , कोनिया , उत्तर माड़र सहित अन्य मौजा में ऐसे आवेदनों की संख्या दो सौ से अधिक है ,जिस पर 75 दिनों से अधिक समय से सीओ कुंठली मार बैठे हैं. सुनवाई के नाम पर सीओ 75 दिनों से अधिक समय से दर्जनों आवेदन पेडिंग रखे हुए हैं. जबकि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा आवेदन निष्पादन की अधिकतम समय – सीमा यानि 75 दिन पहले ही निर्धारित की जा चुकी है.

15 दिनों में डीएम ने दिये थे निष्पादित करने के आदेश

बीते 19 अक्टूबर को जिला स्तर राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम अमित कुमार पाण्डेय ने जमीन के दाखिल – खारिज आवेदन के निष्पादन को लेकर जिले के सातों अंचलों के सीओ को सख्त तथा स्पष्ट रूप से 15 दिनों में 75 दिनों से अधिक समय से पेंडिंग म्यूटेशन (दाखिल-खारीज) आवेदनों का निष्पादन (स्वीकृत अथवा अस्वीकृत) करने के आदेश दिये थे. सोमवार को डीएम द्वारा दी गई समय – सीमा समाप्त हो जाएगी. लेकिन खगड़िया अंचल स्थित विभिन्न मौजा पेंडिंग आवेदनों (75 दिन से अधिक समय से ) का आंकड़ा इस बात को प्रमाणित करता है कि सीओ ने डीएम के आदेश की अनदेखी कर दी. या फिर यूं कहें कि सीओ ने आदेश नहीं माना.

पांच महीने से पेडिंग है आवेदन

जमीन के दाखिल – खारिज के लिए ऑन लाइन प्राप्त आवेदनों के निष्पादन को लेकर राज्य सरकार द्वारा समय- सीमा निर्धारित की जा चुकी है. आवेदन के विरुद्ध आपत्ति प्राप्त नहीं होने पर 35 दिनों में तथा आवेदन प्राप्त होने पर सुनवाई करते हुए 35 दिनों में दाखिल – खारिज आवेदन का निष्पादन करना है. विभाग के इस आदेश से सूबे के सभी सीओ निदेशित हैं. लेकिन जमीनी हकीकत ठीक इसके विपरीत है. लापरवाही का आलम यह है कि गंगौर के माला देवी द्वारा 18 अप्रैल को दाखिल – खारिज के लिए दिये आवेदन का निष्पादन छह महीने बाद भी नहीं हो पाया है. इसी तरह गंगौर के ही नुनू देवी , मनोज सिंह, सन्हौली की चांदनी कुमारी उत्तर माड़र के मो सत्तार , तेताराबाद की उमा देवी , कोठिया के रामजी प्रसाद यादव एवं कोनिया के अनिता देवी द्वारा जून महीने में ही दाखिल-खारिज के लिए दिये आवेदन का निष्पादन 4 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नहीं हो पाया है. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि सदर अंचल में राज्य सरकार के परिपत्र नहीं ,बल्कि बाबू की मर्जी से दाखिल – खारिज आवेदन का निष्पादन होता है. राजस्व भूमि सुधार विभाग के बिहार भूमि पोर्टल पर उपलब्ध डाटा के मुताबिक उक्त आवेदकों के आवेदन सीओ के लॉगिन में पेंडिंग है. खगड़िया अंचल में ऐसे आवेदनों की संख्या ढाई सौ से अधिक है जो 75 दिन से अधिक समय से पेंडिंग है.

फाइलों में ही सिमटकर रह जाती है कार्रवाई आदेश

ऐसे पहली बार नहीं,बल्कि अनेकों बार सीओ द्वारा विभाग तथा जिले के वरीय पदाधिकारी द्वारा जारी आदेश / निर्देश की अनदेखी की जाती रही है. लेकिन कार्रवाई के नाम पर वेतन रोक / स्पष्टीकरण पुछा जाता रहा है. जबकि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा दाखिल – खारिज में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारी एवं कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करने के आदेश जारी किये गए हैं. लेकिन ये आदेश फाइलों में ही सिमटकर रह जाती है. सूत्र बताते हैं कि बीते 19 अक्टूबर को आयोजित बैठक में भी 75 दिनों से अधिक समय से पेंडिंग आवेदनों का निष्पादन 15 दिनों में करने के आदेश दिये गए थे. लेकिन सदर अंचल में पेंडिंग आवेदनों का आंकड़ा इस बात को प्रमाणित करता है कि डीएम के आदेश की अवहेलना हुई है. अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि इस बार लापरवाह सीओ पर कार्रवाई होगी अथवा पूर्व की भांति इस बार भी वरीय अधिकारी का आदेश कागजों पर ही सिमट पर रह जाएगा .

सीओ के लॉगिन में पेंडिग कुछ आवेदन का ब्योरा .

मौजा आवेदक आवेदन की तिथी म्यूटेशन केस संख्या

गंगौर माला देवी 18 अप्रैल 65

गंगौर नूनू देवी 12 जून 351

गंगौर मनोज सिंह 13 जून 354

ओलापुर राम उदगार 30 जुलाई 762

ओलापुर गुंजन देवी 14 मई 162

सन्हौली चांदनी कुमारी 7 जून 313

उत्तर माड़र मो सतार 19 जून 410

उत्तर माड़र मो शोएब 24 जुलाई 722

तेताराबाद संजय महतो 13 जुलाई 631

तेताराबाद उमा देवी 20 जून 420

कासिमपुर सोनी 30 जुलाई 761

कासिमपुर मोना पटेल 5 अगस्त 805

कोठिया धर्मशीला देवी 30 जुलाई 763

कोठिया रामजी यादव 2 जून 287

जहांगीरा नरेश यादव 31 जुलाई 773

जहांगीरा हीरा देवी 24 जुलाई 723

जहांगीरा करुणा देवी 8 जुलाई 586

कोनिया अनिता देवी 24 जून 452

( नोट सभी पेंडिंग म्यूटेशन आवेदन वर्ष 2024-25 के हैं )

सुनवाई के लिए पेंडिंग है आवेदन : सीओ

ओलापुर,गंगौर,जलकौड़ा,मथुरापुर,जहांगीरा ,सन्हौली,कोठिया,कासिमपुर,कोनिया मौजा में चार – चार महीने से दाखिल – खारिज आवेदन पेंडिग रहने का कारण पूछे जाने पर सीओ ब्रजेश कुमार पाटिल ने कहा कि सुनवाई चल रही है ,जिसके कारण आवेदन पेंडिंग है. लेकिन जानकार बताते हैं कि अगर कोई आपत्ति प्राप्त होती है तो अधिक से अधिक 75 दिनों में सुनवाई पूरी कर सीओ को आवेदन निष्पादित करना है . सुनवाई के नाम पर चार महीने तक आवेदन लंबित रखना विभागीय आदेश की अवहेलना/अनदेखी है .

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