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व्यापारिक व्यवहार के लिए दोषी बीमा कंपनी को ब्याज के साथ 01 लाख 16 हजार करना होगा भुगतान

Updated at : 20 Dec 2025 10:13 PM (IST)
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व्यापारिक व्यवहार के लिए दोषी बीमा कंपनी को ब्याज के साथ 01 लाख 16 हजार करना होगा भुगतान

9 जुलाई 2019 को बदमाशों ने पसराहा में हथियार के बल पर लूट लिया था बाइक

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-चोला मंडलम बीमा कम्पनी को जिला उपभोक्ता आयोग ने किया दंडित

– 9 जुलाई 2019 को बदमाशों ने पसराहा में हथियार के बल पर लूट लिया था बाइक

खगड़िया. सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापारिक व्यवहार के लिए बीमा कम्पनी को दोषी पाते हुए जिला जिला उपभोक्ता आयोग ने दंडित किया है. मिली जानकारी के अनुसार गोगरी धनखेता निवासी हेमन्त कुमार के पुत्र त्रिदेव ने मोटर साइकिल का बीमा चोला मंडलम एम एस जेनरल बीमा कम्पनी लिमिटेड से कराया था. दुर्भाग्यवस बीते 9 जुलाई 2019 को उक्त मोटर साइकिल करीब सात बजे शाम को एनएच 31 पर पसराहा में अपराधियों ने हथियार का भय दिखा कर छीन लिया. जिसकी लिखित सूचना पसराहा थाना को दी गयी. घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज किया गया था. वाहन मालिक ने घटना के संबंध में बीमा कम्पनी को सूचित किया. लेकिन बीमा कम्पनी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी. मोटर साइकिल स्वामी ने बीमा कम्पनी को अपने अधिवक्ता के माध्यम से एक कानूनी सूचना भी दिया गया. लेकिन बीमा कम्पनी द्वारा इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गयी. लाचार होकर गाड़ी मालिक त्रिदेव ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में एक परिवाद पत्र दाखिल कर दिया.

बीमा कंपनी ने दावा निपटाने में की लापरवाही

परिवादी द्वारा दाखिल सभी कागजातों को देखने से पाया गया कि बीमा कम्पनी ने दावा निपटाने में लापरवाही किया है. परिवादी का दावा अवैध रूप से खारिज कर दिया. न्यायालय ने आदेश में कहा है कि कोई भी व्यक्ति बीमा इसलिए कराते हैं कि भविष्य में किसी घटना के घटित होने पर हुई क्षति का भरपाई हो सके. लेकिन बीमा कम्पनी ने शर्तों का उल्लंघन किया है. जो सेवा में त्रुटि एवं अनुचित व्यापारिक व्यवहार के लिए दोषी है. न्यायालय ने बीमा कम्पनी चोला मंडलम को आदेश दिया है कि एक माह के अंदर बीमा राशि 56 हजार 5 सौ 91 रुपये 6 प्रतिशत ब्याज की दर से परिवाद दायर करने की तिथि से परिवादी को भुगतान करेंगे. इसके अतिरिक्त शारीरिक, मानसिक आर्थिक क्षति के लिए 50 हजार रुपये एवं मुकदमा खर्च के लिए 10 हजार रुपये भी बीमा कम्पनी परिवादी को भुगतान करेंगे. यह निर्णय आयोग के अध्यक्ष रमण कुमार, सदस्य संयुक्ता मिश्रा एवं अजय कुमार सिंह ने सुनाया. जबकि परिवादी की ओर से अधिवक्ता कौशल कुमार एवम विपक्षी बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता ओम प्रकाश ने अपना अपना पक्ष रखा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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