बारिश से धान की फसल को फायदा केला व मक्के को नुकसान

उमस भरी गर्मी से लोगों ने राहत की सांस ली है
गोगरी. अनुमंडल क्षेत्र में बीते दिनों लगातार बारिश और आंधी से जहां केला और मकई किसानों को क्षति हुई है वहीं धान की खेती करने वाले किसानों के लिए यह वरदान साबित होने लगा है. साथ ही उमस भरी गर्मी से लोगों ने राहत की सांस ली है. बारिश से धान की फसल बेहतर होने लगी है. प्रखंड क्षेत्र के किसान मुकेश कुमार मंडल, निवास मंडल, मो. ग्यास, लड्डू, प्रमोद कुमार, गिरधारी राम, संजय राय सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि बारिश ने धान अनला फसल में जान ला दी है. वही मजदूरी में भी बचत हुआ है. धान की खेती करने में प्रति एकड़ लगभग सात से आठ हजार रुपए की लागत आती है. तीन हजार हेक्टेयर से भी ज्यादा रकवा में धान की खेती किसानों के द्वारा की गयी है. दूसरी ओर खेतों में लगे केला और मकई की फसलों को नुकसान हुआ है. केला और मकई आंधी के कारण गिरकर बर्बाद हो गये हैं. इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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