मानव का आचरण ही बनाता है श्रेष्ठ - स्वामी सुकर्मानंद

Updated at : 28 Jan 2025 10:01 PM (IST)
विज्ञापन
मानव का आचरण ही बनाता है श्रेष्ठ - स्वामी सुकर्मानंद

मानव का आचरण ही बनाता है श्रेष्ठ - स्वामी सुकर्मानंद

विज्ञापन

अलौली. समाज की सबसे बड़ी जरूरत श्रेष्ठ मानवों की है. आपका आचरण ही आपको श्रेष्ठ बनाता है. हर धर्म में मानवसेवा का ही संदेश दिया गया है. उसी पथ पर चलने वाले अमर हुए हैं. उक्त बातें हर-हर महादेव कृषि केंद्र, अलौली में आयोजित श्रीरामचरित मानस व गीता ज्ञान यज्ञ में मंगलवार को स्वामी सुकर्मानंद ने कही. उन्होंने बताया कि संसार में सच्चा सुख ढूंढ़ने का प्रयास करना निरर्थक है. क्योंकि जिसने भी सच्चा सुख पाया है, संतोष सम सुख जग नाही उसने स्वयं के भीतर उतरकर ही पाया है. स्वयं के भीतर उतरने के लिए आध्यात्मिक गुरु की जरूरत पड़ती है. साध्वी विदुषी शीतली भारती ने बताया शास्त्र और ग्रंथों का एक ही निचोड़ है कि मानव जीवन के रहते अपने जन्म को सार्थक कर लें. मानव जीवन की सार्थकता इस संसार के परम सत्य ईश्वर तत्व को प्राप्त करने से ही संभव है. साध्वी शोभा भारती, ममता भारती व गोपाल जी ने सुमधुर भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन